बस्ती में सरकारी जमीन और चकरोड पर कब्जे की शिकायत, 50 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप; 

जनपद बस्ती की ग्राम पंचायत भरवलिया में सार्वजनिक चकरोड बाधित किए जाने और सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत ने तूल पकड़ लिया है।

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बस्ती। जनपद बस्ती की ग्राम पंचायत भरवलिया में सार्वजनिक चकरोड बाधित किए जाने और सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत ने तूल पकड़ लिया है। शिकायतकर्ताओं ने पूर्व प्रधान सुशीला देवी, प्रधान प्रतिनिधि तुलसीराम तथा गंगाराम, प्यारी और गुड्डू सहित संबंधित लोगों के नाम लेते हुए प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
 
ग्रामीणों का आरोप है कि विवादित भूमि पर कथित रूप से मकान निर्माण कराए जाने और सार्वजनिक रास्ते में अवरोध उत्पन्न होने के कारण गांव के लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, रास्ता बाधित होने से लगभग 40 से 50 बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का दावा है कि करीब एक सप्ताह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
 
पूर्व प्रधान सुशीला देवी और प्रधान प्रतिनिधि तुलसीराम का नाम भी शिकायत में शामिल
 
शिकायतकर्ताओं ने पूर्व प्रधान सुशीला देवी और प्रधान प्रतिनिधि तुलसीराम का नाम लेते हुए आरोप लगाया है कि उनके द्वारा सार्वजनिक रास्ते को बाधित किए जाने का मामला जांच के दायरे में लाया जाए। गंगाराम, प्यारी और गुड्डू सहित अन्य संबंधित लोगों के विरुद्ध भी शिकायत में आरोप लगाए गए हैं।
 
हालांकि, किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही है और विवादित भूमि पर निर्माण या कब्जा नियमों के विरुद्ध है या नहीं, इसकी पुष्टि राजस्व अभिलेखों, स्थलीय निरीक्षण और संबंधित अधिकारियों की जांच से ही होगी। संबंधित व्यक्तियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
गाटा संख्या 199, 181 और 193 मि० की पैमाइश की मांग
 
शिकायत में गाटा संख्या 199, 181 और 193 मि० का उल्लेख करते हुए ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व विभाग मौके पर पहुंचकर सरकारी अभिलेखों और नक्शे के आधार पर भूमि की पैमाइश कराए। सार्वजनिक चकरोड की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करते हुए यह जांच की जाए कि कहीं सरकारी भूमि पर अनधिकृत निर्माण या रास्ते पर अवरोध तो नहीं किया गया है।
 
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे अथवा सार्वजनिक रास्ते को बाधित करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए और रास्ते को आवागमन के लिए बहाल कराया जाए।
40 से 50 बच्चों की पढ़ाई पर संकट, प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
 
इस पूरे मामले में बच्चों की शिक्षा सबसे बड़ा चिंता का विषय बनकर सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, रास्ता बाधित होने के कारण करीब 40 से 50 बच्चों को स्कूल पहुंचने में दिक्कत हो रही है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के मामले को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए।
 
ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई है कि रास्ता बंद रहने की स्थिति में बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने और आपातकालीन सेवाओं के गांव तक आने में परेशानी हो सकती है।
 
जिलाधिकारी, एसडीएम और पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की गुहार
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी बस्ती, उपजिलाधिकारी हर्रैया, थाना कप्तानगंज और संबंधित राजस्व अधिकारियों से मामले की संयुक्त जांच कराने की मांग की है। शिकायत में रास्ते से संबंधित विवाद, कथित कब्जे और धमकी सहित अन्य आरोपों की भी जांच किए जाने की मांग उठाई गई है।
शिकायतकर्ताओं की मांग है कि राजस्व विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर विवादित भूमि का निरीक्षण करे, गाटा संख्या के अभिलेखों का मिलान कराए और सार्वजनिक रास्ते की स्थिति स्पष्ट करे। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए रास्ते से अवरोध हटाया जाए।
 
बड़ा सवाल: शिकायत के बाद रास्ता कब खुलेगा?
भरवलिया का यह मामला अब सार्वजनिक रास्ते, ग्रामीणों के आवागमन और बच्चों की शिक्षा से जुड़ा हुआ है। ग्रामीणों का सवाल है कि शिकायत के बाद भी मौके पर जांच कराकर रास्ते की स्थिति स्पष्ट करने और समस्या का समाधान करने की कार्रवाई कब होगी?
 
अब निगाहें जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी संबंधित पक्षों को सुना जाए और जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। चकरोड विवाद, पूर्व प्रधान सुशीला देवी, प्रधान प्रतिनिधि तुलसीराम, गंगाराम, प्यारी, गुड्डू, सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायत, सार्वजनिक रास्ता बाधित, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, जिलाधिकारी बस्ती, एसडीएम हर्रैया, थाना कप्तानगंज, राजस्व विभाग।
 
 

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