धान खरीद नहीं होने पर किसानों का गुस्सा फूटा, पांच घंटे पीलीभीत हाईवे जाम

कच्चे आढ़तियों ने नियमित तौल शुरू नहीं की तो सड़क पर उतरे किसान,  आरएफसी और मंडी अधिकारियों से वार्ता के बाद माने प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन में धरने पर बैठे पूर्व विधायक नारायण पाल,  धान की नियमित खरीद और भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई

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सितारगंज। मंडी समिति में धान की नियमित खरीद नहीं होने से किसानों का आक्रोश गुरुवार को फूट पड़ा। कच्चे आढ़तियों की ओर से धान की तौल शुरू नहीं किए जाने से नाराज किसानों ने पीलीभीत हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। करीब पांच घंटे तक हाईवे पर यातायात बाधित रहने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसानों ने आरोप लगाया कि धान खरीद का निर्धारित समय शुरू होने के बावजूद मंडी में नियमित तौल नहीं होने से उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए भटकना पड़ रहा है। बाद में आरएफसी लता मिश्रा, राइस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और मंडी अधिकारियों के बीच बंद कमरे में वार्ता हुई। वार्ता के बाद कच्चे आढ़तियों ने धान खरीद शुरू करने पर सहमति जताई, जिसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
 
गुरुवार को धान खरीद में देरी से नाराज किसान पीलीभीत हाईवे पर एकत्र हो गए और सड़क पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना था कि धान खरीद प्रक्रिया एक अक्टूबर से शुरू होनी थी, लेकिन 22 दिन बीत जाने के बाद भी मंडी समिति में कच्चे आढ़तियों ने नियमित रूप से धान की खरीद और तौल शुरू नहीं की है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी हो रही है। किसानों को धान लेकर मंडी पहुंचने के बाद भी तौल के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि धान खरीद में लगातार हो रही देरी से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है, लेकिन समस्या का समय पर समाधान नहीं किया जा रहा है।
 
हाईवे जाम होने की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार हिमांशु जोशी और एसएमओ ओम नारायण मिश्रा ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने किसानों से जाम खोलने की अपील की, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसानों का कहना था कि जब तक मंडी में धान की नियमित तौल शुरू कराने को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। इस दौरान हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
 
मामले को सुलझाने के लिए बाद में आरएफसी लता मिश्रा, राइस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और मंडी अधिकारियों के बीच बंद कमरे में वार्ता हुई। इसमें धान खरीद को लेकर किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। वार्ता के बाद कच्चे आढ़तियों ने धान खरीद शुरू करने पर सहमति जताई। इसके बाद किसानों ने जाम खोलकर अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, किसानों की मुख्य मांग मंडी में नियमित तौल सुनिश्चित कराने और उनकी उपज की खरीद में आ रही बाधाओं को दूर करने की रही।
 
 
 
किसानों के समर्थन में धरने पर बैठे पूर्व विधायक
 
धान खरीद में देरी और मंडी की अव्यवस्थाओं के विरोध में पूर्व विधायक नारायण पाल भी किसानों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। उन्होंने किसानों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि धान खरीद में देरी से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़े, इसके लिए मंडी में नियमित तौल की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने किसानों की उपज की खरीद के साथ ही समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।
 
पूर्व विधायक ने किसानों के आंदोलन को समर्थन देते हुए धान खरीद व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशान होना पड़े, यह उचित नहीं है। मंडी में खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चलनी चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
 
प्रदर्शन के दौरान किसान नेता जसवंत सिंह जस्सा, मनविंदर सिंह, सतवीर सिंह, मनप्रीत सिंह, बलवंत सिंह, हसनैन मलिक, भाग सिंह, दिलबाग सिंह, हरपाल सिंह, गुरपाल सिंह, हरजिंदर सिंह और शरणदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे

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