मतदाता सूची में मामूली त्रुटियों पर नहीं रोका जाएगा मतदान, पात्र मतदाता कर सकेंगे मताधिकार का प्रयोग

23 अक्टूबर को विधान परिषद निर्वाचन के लिए मतदान, लिपिकीय या मुद्रण संबंधी गलतियों के आधार पर किसी को नहीं किया जाएगा वंचित

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सोनभद्र / उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के खण्ड स्नातक एवं खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के तहत 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान में मतदाता सूची में मामूली लिपिकीय अथवा मुद्रण संबंधी त्रुटियों के कारण किसी भी पात्र मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गौड़ ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
 
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशानुसार मतदान के दौरान यदि किसी मतदाता के नाम, विवरण या अन्य प्रविष्टियों में आंशिक लिपिकीय अथवा मुद्रण संबंधी त्रुटियां पाई जाती हैं, तो केवल इस आधार पर उसे मतदान करने से नहीं रोका जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित मतदाता की पहचान सुनिश्चित करना आवश्यक होगा।
 
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पीठासीन अधिकारी अथवा मतदान अधिकारी मतदाता द्वारा प्रस्तुत अनुमन्य दस्तावेजों या मतदाता सूची में दर्ज अन्य विवरणों के आधार पर उसकी पहचान से संतुष्ट हो जाता है, तो संबंधित त्रुटियों को नजरअंदाज करते हुए उसे मताधिकार का प्रयोग करने की अनुमति दी जाएगी।
 
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गौड़ ने समस्त उप जिलाधिकारियों, पदनामित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों एवं मतदान कार्मिकों को इस संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
 
उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष, सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। यह सुनिश्चित किया जाए कि मतदाता सूची में छोटी-मोटी लिपिकीय या मुद्रण संबंधी गलतियों के कारण किसी भी पात्र मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित न होना पड़े।

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