हाथ पर कलश, अटूट आस्था; बिगड़ती सेहत पर डॉक्टरों की चिंता, व्रत तोड़ने को तैयार नहीं गुड्डी देवी

पिता की सलामती के लिए नौ दिन का निर्जला संकल्प, हृदय रोग से पीड़ित गुड्डी देवी की बिगड़ी तबीयत; समझाने में जुटा प्रशासन

BIHAR SWATANTRA PRABHAT Picture
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त्रिवेणीगंज,सुपौल । मां दुर्गा के प्रति अटूट आस्था और विश्वास के बीच एक महिला की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। नवरात्र के दौरान दाहिने हाथ पर कलश स्थापित कर पूजा-अर्चना कर रहीं थाना क्षेत्र के कुशहा वार्ड-7 निवासी रामचंद्र सरदार की पत्नी गुड्डी देवी की तबीयत बिगड़ने लगी है। जांच के दौरान डॉक्टरों ने उनका ब्लड प्रेशर असामान्य पाया है। उनकी पल्स और हार्ट रेट में भी गड़बड़ी सामने आई है। डॉक्टरों ने तत्काल इलाज कराने की सलाह दी है, लेकिन महिला व्रत तोड़ने और दवाइयां लेने के लिए तैयार नहीं हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उन्हें और उनके परिजनों को समझाने में जुटी है जानकारी के अनुसार,गुड्डी देवी ने अपने पिता वासुदेव सरदार की तबीयत में सुधार होने की मन्नत मांगी थी।पिता की सलामती के लिए नौ दिन का निर्जला संकल्प, हृदय रोग से पीड़ित गुड्डी देवी की बिगड़ी तबीयत; समझाने में जुटा प्रशासन

कुछ महीने पहले उनके पिता को पैरालिसिस अटैक आया था। कई जगह इलाज कराने के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गए थे। इसके बाद गुड्डी देवी ने मां दुर्गा के मंदिर में मिठाई चढ़ाकर मन्नत मांगी कि पिता की तबीयत सुधरने पर वह नवरात्र के नौ दिनों तक अन्न ग्रहण किए बिना दाहिने हाथ पर कलश स्थापित कर पूजा करेंगी। महिला का कहना है कि मन्नत मांगकर घर लौटने के चार-पांच दिनों बाद ही उनके पिता की तबीयत में सुधार होने लगा। इसके बाद उन्होंने इस वर्ष 11 अक्टूबर से मेला ग्राउंड स्थित दुर्गा मंदिर में हाथ पर कलश स्थापित कर आराधना शुरू कर दी। चूंकि क्षेत्र के मंदिरों में ऐसे श्रद्धालुओं की सुबह शाम स्वास्थ विभाग की टीम द्वारा स्वास्थ जाँच किया जाता है शुक्रवार को जाँच के दौरान यह बात सामने आई।

एसडीएम अभिषेक कुमार ने बताया कि नवरात्र के छठे दिन जांच के दौरान डॉक्टरों ने गुड्डी देवी का ब्लड प्रेशर असामान्य पाया। उनकी पल्स और हार्ट रेट में भी गड़बड़ी मिली,जो चिंता का विषय है। अनुमंडलीय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ उमेश कुमार ने शुक्रवार शाम दोबारा जांच की। उन्होंने बताया कि महिला हृदय रोग से पीड़ित हैं और व्रत के कारण दवाइयां लेना बंद कर दिया है। ऐसे में उनकी स्थिति को लेकर जोखिम बढ़ गया है। डॉक्टरों ने परिजनों को भी समझाया है कि उपवास समाप्त कर दवाइयां और जरूरी इलाज शुरू करने से उनकी सेहत में सुधार हो सकता है। हालांकि,गुड्डी देवी का मां दुर्गा पर अटूट विश्वास है। वह मानती हैं कि मां उनकी रक्षा करेंगी और उन्हें कुछ नहीं होगा। दूसरी ओर, डॉक्टर उनकी स्थिति को देखते हुए तत्काल उपचार पर जोर दे रहे हैं। महिला और उनके परिजन फिलहाल व्रत तोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है।

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