डिप्टी सीएम ने ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर दिए दिशा निर्देश 

गांव की आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित हों विभागीय योजनाएं 

हर्षिता यादव  Picture
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उरई(जालौन)- उप मुख्यमंत्री/ग्राम्य विकास मंत्री उप्र शासन केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को उरई स्थित लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ाने के साथ ही प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
 
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाएं गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित हों, जिससे रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण परिवारों का जीवन स्तर भी बेहतर हो। समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विकसित भारत जी राम जी के अंतर्गत रोजगार सृजन की प्रगति की समीक्षा करते हुए 12 अक्टूबर को आयोजित विशेष रोजगार सृजन दिवस के परिणामों की जानकारी ली। उपस्थित अधिकारियों ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप रोजगार सृजन की जानकारी दी।
 
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि श्रमिकों की मांग के अनुसार उन्हें निरंतर रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा रोजगार सृजन की गति बनाए रखी जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मार्गों से जुड़े सार्वजनिक स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर पक्के मार्गों से जोड़ने तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम्युनिटी हॉल के निर्माण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को ग्रामीण विकास की प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
 
उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का गांव-गांव तक व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र युवाओं को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में उन्होंने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने, विभिन्न विभागीय योजनाओं के समन्वय को प्रभावी बनाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री आवास योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों तथा विधवा महिलाओं सहित अन्य विशेष श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
 
उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और सभी योजनाओं का पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान टीएचआर (टेक होम राशन) प्लांट के आसपास महिलाओं के लिए लघु एवं कुटीर उद्योग विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। उपमुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से मसाला उद्योग तथा टीएचआर प्लांट में आपूर्ति की जाने वाली अन्य सामग्री से संबंधित स्थानीय उद्योगों की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
 
इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराने के साथ स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकेगा। इस अवसर पर भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, माधोगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, उरई सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक घनश्याम अनुरागी सहित मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीडीओ निशांत पाण्डेय समेत समस्त बीडीओ व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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