ऋण न लेने के बावजूद SHG सदस्यों के बैंक खाते ब्लॉक

वर्तमान सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

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श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :

वर्तमान सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसी बीच श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा विकास खंड के अंतर्गत एक स्वयं सहायता समूह (SHG) की कुछ सदस्यों के व्यक्तिगत बैंक खाते ब्लॉक होने के आरोप को लेकर नाराजगी सामने आई है। पीड़ित सदस्यों का आरोप है कि उन्होंने किसी प्रकार का ऋण नहीं लिया है, इसके बावजूद उनके व्यक्तिगत बैंक खाते ब्लॉक कर दिए गए हैं। इस संबंध में संबंधित विभाग में शिकायत किए जाने के बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं होने का उन्होंने दावा किया है। सदस्यों ने कहा है कि यदि मामले का उचित समाधान नहीं किया गया तो वे आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई का सहारा लेने के लिए बाध्य होंगी। आरोप के अनुसार, दुल्लभछड़ा विकास खंड के 5 नंबर वांगीरबंद स्थित ‘मां शेरावाली’ स्वयं सहायता समूह में कुल 12 सदस्य हैं। इनमें से कुछ सदस्यों ने कोई ऋण नहीं लिया होने के बावजूद दुल्लभछड़ा स्थित पीएनबी शाखा में उनके व्यक्तिगत बैंक खाते ब्लॉक हैं। इसके कारण व्यक्तिगत बचत की राशि का उपयोग करने, दैनिक वित्तीय लेन-देन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से मिलने वाली राशि के लेन-देन में परेशानी होने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित सदस्यों के अनुसार, गत 14 सितंबर 2026 को दुल्लभछड़ा ब्लॉक कार्यालय में बीडीओ को ज्ञापन सौंपकर मामले की विस्तृत जानकारी दी गई थी। उनके अनुसार, वर्ष 2023 में संबंधित SHG के नाम पर सरकारी स्तर पर 1 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि समूह की जिम्मेदारी संभालने वाली कुछ सदस्यों ने अध्यक्ष की अनुमति के बिना उक्त राशि का वितरण कर दिया। हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्ष का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका।

ऋण नहीं लेने वाली सदस्यों में जया राय, बिंदुमति यादव, वृंदामति कैरी, रीना सिंह, रीना रानी सिंह, रीता यादव, मीरा यादव, राममति कोहार, मंजू कोहार और दीपाली कोहार के नाम बताए गए हैं। उनका आरोप है कि व्यक्तिगत बैंक खाते ब्लॉक होने के कारण बच्चों की पढ़ाई का खर्च सहित अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इधर, SHG के नाम पर स्वीकृत राशि के वितरण में संपादिका सह कोषाध्यक्ष जया रानी यादव, जीविका सखी मिमी सिंह तथा बीएलओ पुष्पमिता कुर्मी की भूमिका को लेकर भी पीड़ित सदस्यों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि व्यक्तिगत खातों में जमा राशि का उपयोग नहीं कर पाने के साथ ही खाते ब्लॉक किए जाने के कारण को लेकर भी सदस्यों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विशेष रूप से अरुणोदय योजना की राशि के लेन-देन में भी परेशानी होने की बात उन्होंने कही है। पीड़ित सदस्यों का दावा है कि ब्लॉक विकास अधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत दिए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर बैंक खाते ब्लॉक किए जाने के वास्तविक कारण का पता लगाने तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता प्रमाणित होती है तो आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

इस मामले में पीड़ित सदस्यों ने असम राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, रामकृष्णनगर विधायक विजय मालाकार, संबंधित विभागीय अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ब्लॉक किए गए व्यक्तिगत बैंक खातों को खोलने तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


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