शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन विंध्यधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, तीन लाख भक्तों ने किए मां के दर्शन
मंगला आरती के बाद से देर रात तक जारी रहेगा दर्शन-पूजन का सिलसिला, मां के जयकारों से गूंजा विंध्याचल धाम
मीरजापुर ।
विंध्याचल, 11 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को मां विंध्यवासिनी देवी धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंगला आरती के बाद से ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहने की संभावना रही। मेले के पहले दिन अब तक करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन करने की जानकारी सामने आई। रविवार का अवकाश और नवरात्र का पहला दिन होने के कारण पूरे विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दी।

मां विंध्यवासिनी मंदिर की ओर जाने वाली पांचों गलियों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर आधा किलोमीटर से भी अधिक दूरी तक भक्तों की पंक्ति दिखाई दी। हाथों में नारियल, चुनरी और प्रसाद लिए श्रद्धालु धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए मां के दरबार तक पहुंचने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कतारों में गूंजते मां के जयकारों से पूरा विंध्याचल धाम भक्तिमय हो उठा।

मंदिर में पहुंचकर कोई झांकी दर्शन कर रहा था तो कोई प्रथम और द्वितीय प्रवेश द्वार से मां का दीदार कर स्वयं को सौभाग्यशाली मान रहा था। दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालु श्रद्धा और विश्वास के साथ अपने घरों की ओर लौटते नजर आए। वहीं, गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
कॉरिडोर बना आकर्षण का केंद्र
नवरात्र मेले में विंध्य कॉरिडोर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। बेहतर आवागमन और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से मंदिर तक पहुंचाने में कॉरिडोर की भूमिका महत्वपूर्ण दिखाई दी। भीड़ के बीच आवागमन को व्यवस्थित रखने और दर्शनार्थियों की सुविधा के लिहाज से इसे सहायक माना जा रहा है।
मेले में जगह-जगह लगाए गए उद्घोषक यंत्रों के माध्यम से परिवार से बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाने का प्रयास किया गया। साथ ही, श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारियां देकर मेले की व्यवस्था संभालने में भी इनका उपयोग किया गया।
प्रशासन रहा मुस्तैद
नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी तथा कर्मचारी व्यवस्थाओं को संभालने में जुटे रहे। पार्किंग स्थलों, गेस्ट हाउसों, रेस्टोरेंटों और अतिथि भवनों में शनिवार से ही यात्रियों की भीड़ पहुंचने लगी थी। रविवार को मंदिर परिसर, गलियों और आसपास के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रही। मां विंध्यवासिनी के दर्शन की अभिलाषा लेकर पहुंचे भक्तों की भीड़ से विंध्याचल धाम पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।


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