असिस्टेंट कमांडेंट को राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई, लोगों ने नम आंखों से दी श्रद्धांजलि।
अंबेडकरनगर के शहीद अंकित पांडेय पंचतत्व में विलीन, सरयू तट पर उमड़ा जनसैलाब। घर से घाट तक गूंजा - अंकित पांडेय अमर रहें का नारा
अंबेडकरनगर।
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोली में सीआईएसएफ शिविर में हुई गोलीबारी में शहीद हुए जिले के लाल असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। इल्तिफातगंज स्थित पवित्र सरयू नदी के सहजौरा घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। अंतिम यात्रा में हजारों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी और हर जुबां पर एक ही नारा था - शहीद अंकित पांडेय अमर रहें।

इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के दौलतपुर एकसारा मठिया गांव के रहने वाले अंकित का पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह जैसे ही पैतृक गांव पहुंचा, कोहराम मच गया। मां प्रमिला देवी, पत्नी प्रियंका और छह बहनों की चीखों से पूरा गांव दहल उठा। अंतिम दर्शन के लिए हजारों की भीड़ गांव में उमड़ पड़ी।
पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने पर लोगों ने फूल-मालाओं से शहीद का स्वागत किया। इसके बाद तिरंगे में लिपटा शव अंतिम यात्रा के रूप में सरयू तट के लिए रवाना हुआ। घर से लेकर श्मशान घाट तक करीब कई किलोमीटर तक लोगों की कतार लगी रही।
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इल्तिफातगंज के सरयू घाट पर एनटीपीसी टांडा में तैनात सीआईएसएफ बटालियन के जवानों ने शहीद अंकित को सलामी दी। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके परिजन ने दी। इस दौरान वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
कैसे घटित हुई इतनी बड़ी वारदात
मंगलवार शाम साढ़े सात बजे के करीब कठुआ के बसोली में जलविद्युत परियोजना की सुरक्षा में लगे सीआईएसएफ शिविर में जवानों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि गुस्से में एक हेड कांस्टेबल ने अपनी सरकारी राइफल से साथियों पर ही फायरिंग कर दी। इस घटना में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित पांडेय, सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह समेत चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
होनहार अफसर थे अंकित
शहीद अंकित कुमार पांडेय बेहद होनहार अफसर थे। वर्ष 2017 में वह सीआईएसएफ में सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुए थे। अपनी कड़ी मेहनत से 2021 में उन्होंने विभागीय परीक्षा पास कर असिस्टेंट कमांडेंट का पद हासिल किया। करीब एक साल से वह जम्मू-कश्मीर में तैनात थे।
परिवार पर गिरा दुखों का पहाड़
अंकित अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। पिता शिव प्रकाश पांडेय सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। मां प्रमिला देवी गृहणी हैं। उनकी छह बहनें हैं और पत्नी प्रियंका हैं। घर के इकलौते बेटे अंकित की शहादत से पूरा परिवार सदमे में है। गांव के लोगों का कहना है कि अंकित बचपन से ही होनहार और देशभक्ति की भावना रखने वाले थे।
जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि

शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए पूर्व सांसद रितेश पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर उर्फ साधू वर्मा, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल देव वर्मा, बसपा नेता विनय पाठक, डिप्टी एसपी प्रदीप सिंह चंदेल सहित जिले के तमाम जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और हजारों ग्रामीण सरयू तट पर मौजूद रहे।


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