कुशीनगर : गंडक की बाढ़ ने मचाई तबाही, रात में टूटा एपी तटबंध
जवही दयाल-चैनपट्टी में रैटहोल से तटबंध टूटा, गांवों में घुसा बाढ़ का पानी; सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न
उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना /तमकुहीराज, कुशीनगर। गंडक नदी की बाढ़ ने कुशीनगर में हालात और गंभीर कर दिए हैं। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के जवही दयाल-चैनपट्टी में सोमवार की रात करीब 11 बजे रैटहोल के कारण एपी तटबंध टूट गया। तटबंध टूटते ही बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के गांवों और खेतों की ओर फैलने लगा। सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है, वहीं ग्रामीण जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

लगातार बारिश और नेपाल से आ रहे पानी के कारण गंडक नदी में पानी का दबाव लगातार बना हुआ है। पानी के तेज दबाव के बीच एपी तटबंध में रैटहोल के कारण कटाव बढ़ा और देर रात तटबंध टूट गया। इसके बाद आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

मुख्य बांध पर भी बढ़ा खतरा

एपी तटबंध टूटने के करीब 500 मीटर पहले मुख्य बांध पर भी दबाव बना हुआ है। संभावित खतरे को देखते हुए बाढ़ खंड के कर्मचारी मौके पर डटे हैं और मिट्टी तथा बोल्डर डालकर बांध को सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
एसडीआरएफ और प्रशासन राहत-बचाव में जुटा


तटबंध टूटने के बाद एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण अपने परिवार और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर निकल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण कर लिया जायजा

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ ही बाढ़ के पानी के फैलाव को नियंत्रित करना है।

तटबंध टूटने के बाद जवही दयाल-चैनपट्टी और आसपास के गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और बचाव दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।


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