एक ही राज्य में KYC के अलग-अलग शुल्क? सिलचर में 150, रामकृष्णनगर में 190 रुपये लेने का आरोप

उपभोक्ताओं ने उठाए सवाल, प्रशासन से शुल्क की वैधता स्पष्ट करने और निष्पक्ष जांच की मांग

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श्रीभूमि : असम के अलग-अलग जिले क्षेत्रों में गैस कनेक्शन से संबंधित KYC के लिए अलग-अलग राशि लिए जाने के आरोपों ने उपभोक्ताओं के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सिलचर में जहां KYC के लिए 150 रुपये लिए जा रहे हैं, वहीं श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर में इसी प्रक्रिया के लिए 190 रुपये वसूले जाने का आरोप है। उपभोक्ताओं ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कर शुल्क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
 
शिकायत के अनुसार, सिलचर के गूंगुर-मेहरपुर क्षेत्र स्थित आशिया गैस सर्विस में KYC कराने के लिए कथित तौर पर 150 रुपये लिए जा रहे हैं। ग्राहकों का दावा है कि इस राशि के साथ उन्हें गैस पाइप भी दिया जा रहा है। वहीं, श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर स्थित गाजी गैस एजेंसी में इसी प्रकार की KYC प्रक्रिया के लिए 190 रुपये लिए जाने का आरोप उपभोक्ताओं ने लगाया है। एक ही सेवा के लिए शुल्क में अंतर क्यों?
 
उपभोक्ताओं का मुख्य सवाल है कि यदि KYC के लिए कोई निर्धारित अथवा अधिकृत शुल्क है, तो एक ही राज्य के दो अलग-अलग जिले क्षेत्रों में राशि में अंतर क्यों है। उनका कहना है कि सिलचर में 150 रुपये के साथ गैस पाइप दिए जाने की बात सामने आ रही है, जबकि रामकृष्णनगर में 190 रुपये लिए जाने के मामले में अतिरिक्त 40 रुपये किस मद में लिए जा रहे हैं, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। ग्राहकों ने मांग की है कि यदि अतिरिक्त राशि गैस पाइप, सेवा शुल्क या किसी अन्य अधिकृत मद के तहत ली जा रही है, तो संबंधित शुल्क का आधार और अधिकृत दर उपभोक्ताओं को स्पष्ट रूप से बताई जाए।
 
निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ का आरोप शिकायतकर्ता उपभोक्ताओं का कहना है कि KYC के नाम पर अतिरिक्त राशि लिए जाने से आम और निम्न आय वर्ग के लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उनका कहना है कि यह मामला केवल कुछ उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में गैस उपभोक्ताओं से जुड़ा जनहित का विषय है। जिला प्रशासन से जांच की मांग उपभोक्ताओं ने काछार और श्रीभूमि जिला प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उपभोक्ताओं के अनुसार, जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि: KYC के लिए निर्धारित या अधिकृत शुल्क कितना है?
 
सिलचर और रामकृष्णनगर में अलग-अलग राशि लिए जाने की वजह क्या है? गैस पाइप अथवा अन्य सामग्री की कीमत शुल्क में शामिल है या नहीं?
 
सेवा शुल्क लिया जा रहा है तो उसका अधिकृत आधार क्या है? उपभोक्ताओं से ली जा रही राशि की रसीद और शुल्क का विवरण उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं?
 
ग्राहकों का कहना है कि यदि जांच में नियमों के विपरीत अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी अथवा जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
 
वहीं, यदि दोनों स्थानों पर ली जा रही राशि में अंतर किसी वैध सेवा शुल्क, गैस पाइप या अन्य अधिकृत मद के कारण है, तो संबंधित गैस एजेंसियों और प्रशासन को इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
 
KYC के नाम पर अलग-अलग राशि लिए जाने के आरोपों के बीच अब उपभोक्ता प्रशासन और संबंधित गैस प्राधिकरण की जांच तथा स्पष्ट जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

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