बिकाश धर हत्याकांड: बयान तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप

जिला भाजपा पर बरसे वरिष्ठ अधिवक्ता हाफिज राशिद चौधरी “ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा

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श्रीभूमि : असम श्रीभूमि जिले के बाजारिछड़ा के छागलमोआ क्षेत्र में भाजपा बूथ अध्यक्ष बिकाश धर की हत्या के बाद उनके द्वारा दिए गए बयान को श्रीभूमि जिला भाजपा द्वारा कथित रूप से तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने का आरोप वरिष्ठ अधिवक्ता हाफिज राशिद चौधरी ने लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में प्रस्तुत कर समाज में भ्रम पैदा करने तथा शांति और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। हाफिज राशिद चौधरी ने कहा कि उन्होंने अपना वक्तव्य बंगाली भाषा में दिया था और उनके बयान का मूल उद्देश्य किसी समुदाय या वर्ग के खिलाफ टिप्पणी करना नहीं, बल्कि क्षेत्र में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करना था।
 
उन्होंने कहा कि एक कानून के विद्यार्थी के रूप में उन्होंने सभी वर्गों के लोगों से संयम बरतने और कानून पर भरोसा रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा, “मैंने कभी कोई उकसाने वाला या भड़काऊ बयान नहीं दिया। मैंने समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने तथा प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की अपील की थी।” मंत्री के कथित बयान पर उठाए सवाल मंत्री कृष्णेंदु पाल के कथित बयान का उल्लेख करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी ने कहा कि किसी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को मीडिया के सामने किसी व्यक्ति को ‘बांग्लादेशी’ अथवा ‘विदेशी’ के रूप में संबोधित करने से बचना चाहिए।
 
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की नागरिकता अथवा विदेशी नागरिक होने का निर्धारण कानून के तहत सक्षम प्राधिकारी की प्रक्रिया का विषय है। चौधरी ने दावा किया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर राज्यपाल को लिखित शिकायत देकर मंत्री कृष्णेंदु पाल को पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंत्री के कथित बयान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के समक्ष शिकायत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
 
“बयान को विकृत करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगा”
जिला भाजपा द्वारा उनके बयान की कथित व्याख्या पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने कहा, “मैंने कोई अन्यायपूर्ण या उकसाने वाला बयान नहीं दिया। फिर मेरे बयान को विकृत कर समाज में भ्रम और अशांति पैदा करने का प्रयास क्यों किया जा रहा है?” उन्होंने कहा कि यदि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत कर सामाजिक तनाव पैदा करने का प्रयास जारी रहा, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।करीमगंज जिला परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार त्रिपाठी की कथित टिप्पणियों पर भी चौधरी ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनके बंगाली वक्तव्य को सही संदर्भ में समझे बिना टिप्पणी की गई है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी के शांतिपूर्ण और रचनात्मक वक्तव्य को विकृत कर सामाजिक तनाव पैदा करना उचित नहीं है।
 
जिला प्रशासन की भूमिका की सराहना चौधरी ने बिकाश धर हत्याकांड के बाद क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए श्रीभूमि जिला प्रशासन की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से स्थिति को सामान्य बनाने में मदद मिली है। बिकाश धर हत्याकांड की निष्पक्ष और शीघ्र जांच की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाकर दोषियों की पहचान की जानी चाहिए और कानून के अनुसार कठोर सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, बिकाश धर के शव की बरामदगी के बाद मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस हत्या के कारण तथा आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
 
परिवार को नि:शुल्क कानूनी सहायता की पेशकश चौधरी ने कहा कि यदि बिकाश धर के परिवार को कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, तो वह बिना किसी पारिश्रमिक के कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “बिकाश धर मेरे भाई हैं। उनके परिवार को कानूनी सहायता की आवश्यकता होने पर मैं पूरी तरह उनके साथ खड़ा रहूंगा।” उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और देश के निर्माण एवं स्वतंत्रता में सभी समुदायों के लोगों का योगदान रहा है। इसलिए किसी भी घटना को सामुदायिक तनाव का कारण नहीं बनने दिया जाना चाहिए। अंत में उन्होंने दिवंगत बिकाश धर के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति की कामना की। साथ ही उन्होंने मांग की कि हत्याकांड की वास्तविक सच्चाई जल्द सामने लाई जाए, दोषियों को कानून के दायरे में लाकर कठोर सजा दी जाए और क्षेत्र में शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखा जाए।

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