अवंतिका रामलीला में हुआ राम जन्म का मंचन

जब-जब होइ धरम कै हानी। बाढहिं असुर अधम अभिमानी॥ तब तब प्रभु धरि बिबिध सरीरा।

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स्वतंत्र प्रभात 
 
नैनी, प्रयागराज ।
 
जब-जब होइ धरम कै हानी। बाढहिं असुर अधम अभिमानी॥ तब तब प्रभु धरि बिबिध सरीरा। हरहिं कृपानिधि सज्जन पीरा॥ पीडीए कॉलोनी मे चल रही श्री अवंतिका रामलीला मे राम जन्म की लीला एवं राम की बाल लीलाओं का अत्यंत सुंदर मंचन श्री रामचरितमानस मंडल, मांडा के कलाकारों द्वारा  किया गया।
 
तत्पश्चात मुनि विश्वामित्र आगमन, राम लक्ष्मण का उनके साथ वन गमन एवं राम के द्वारा ताड़का वध की लीला का अत्यंत रोमांचकारी मंचन हुआ।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से बी बी दुबे, अवधेश पांडेय, वी बी सिंह, आर के शुक्ला, ओम प्रकाश मिश्रा, पंo राजेंद्र शुक्ल, राकेश त्रिपाठी, दशरथ प्रसाद मिश्र, संजय चतुर्वेदी, धीरज मिश्रा, उमा लाल पांडेय, गुड्डू तिवारी, अरुण त्रिपाठी, अनंत झा  बजरंगी, बिल्लू, अमित पांडेय आदि उपस्थित रहे।
 
 

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