बीजपुर पुनर्वास प्रथम पीएचसी में प्रसव के बाद नवजात की मौत, स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे गंभीर सवाल

परिजनों ने ऑक्सीजन, पानी और एम्बुलेंस व्यवस्था पर लगाए आरोप, डीएम से जांच की मांग

राजेश तिवारी Picture
Published On

संतोष कुमार गुप्ता (संवाददाता) 

बीजपुर /सोनभद्र-

पुनर्वास प्रथम स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार सुबह प्रसव के बाद एक नवजात की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर परिजनों के साथ स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। परिजनों ने अस्पताल में जरूरी संसाधनों की कमी का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।

IMG-20261004-WA0028

बाइक चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश,2 कबाड़ी सहित तीन शातिर गिरफ्तार; 4 चोरी की बाइक और 10 बाइक के कटे पार्ट्स बरामद Read More बाइक चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश,2 कबाड़ी सहित तीन शातिर गिरफ्तार; 4 चोरी की बाइक और 10 बाइक के कटे पार्ट्स बरामद

जानकारी के अनुसार, नेमना निवासी राजेश्वर अपनी पत्नी गायत्री को प्रसव के लिए पुनर्वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। परिजनों के मुताबिक रविवार सुबह करीब तीन बजे के बाद महिला को अस्पताल लाया गया, जहां सामान्य प्रसव हुआ। प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई।

सेवा ज्योति कलश यात्रा ने दिया सेवा, समर्पण और विकसित भारत का संदेश Read More सेवा ज्योति कलश यात्रा ने दिया सेवा, समर्पण और विकसित भारत का संदेश

शान्ति व सौहार्द पूर्ण तरीके से  मनाएं त्योहार- कमलेश पाल Read More शान्ति व सौहार्द पूर्ण तरीके से मनाएं त्योहार- कमलेश पाल

नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि अस्पताल में ऑक्सीजन एवं अन्य जरूरी उपकरणों की समुचित व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में पानी जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर भी परिजनों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि समय पर जरूरी उपचार और संसाधन उपलब्ध होते तो शायद नवजात की जान बचाई जा सकती थी।

वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि पुनर्वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। एम्बुलेंस की उपलब्धता को लेकर भी ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दो दिन पूर्व एनटीपीसी रिहंद परिसर में भी एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंचने की शिकायत के बीच एक महिला को रास्ते में ही प्रसव कराने की स्थिति बनी थी। अब पुनर्वास स्वास्थ्य केंद्र में नवजात की मौत की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ जिलाधिकारी सोनभद्र से पुनर्वास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मौके पर निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव जैसी संवेदनशील एवं आपात स्थिति के दौरान आवश्यक चिकित्सा संसाधन, ऑक्सीजन, पानी और एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि प्रसव के पश्चात किया जाता है पैसे की माँग 

हालांकि नवजात की मौत का वास्तविक कारण क्या रहा और इसमें अस्पताल की लापरवाही थी या किसी चिकित्सकीय जटिलता के कारण मौत हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले में स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

नवजात की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल, जिम्मेदार कौन?

सीएमओ बोले— नवजात की मौत मेकोनियम स्टैंड से हुई है बहरहाल नवजात की मौत व स्वास्थ्य उपकरणों की कराएंगे जांच। आगे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए समय समय पर उठाये जा रहे हैं कड़े कदम जिसे शासन की मंशा के अनुरूप हर गरीबों को मिल सके स्वास्थ्य सुविधाओं का भरपूर लाभ।

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें