तीन माह से लापता 13 वर्षीय बालिका की बरामदगी की मांग को लेकर भाकपा माले ने उठाई आवाज

करीब तीन माह से अपहृत 13 वर्षीय बालिका की अब तक बरामदगी नहीं होने पर भाकपा (माले) ने आक्रोश जताया है।

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सितारगंज। करीब तीन माह से अपहृत 13 वर्षीय बालिका की अब तक बरामदगी नहीं होने पर भाकपा (माले) ने आक्रोश जताया है। संगठन की सितारगंज में हुई बैठक में बालिका की बरामदगी के लिए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में तेजी से जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि बालिका की बरामदगी को लेकर जल्द ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी से मुलाकात की जाएगी।
 
बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के जिला सचिव ललित मटियाली ने महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन को गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली कई घटनाओं में राजनीतिक संरक्षण के आरोप सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं।
 
उन्होंने उन्नाव, कठुआ, महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न के आरोपों, बीएचयू आईआईटी की छात्रा से दुष्कर्म, अंकिता भंडारी हत्याकांड और लालकुआं दुग्ध संघ से जुड़े महिला कर्मी के यौन उत्पीड़न के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर राजनीतिक प्रभाव से ऊपर उठकर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में भी पिछले कुछ समय में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं, जिन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत है।
 
भाकपा (माले) नेता अनिता अन्ना ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के पीछे समाज में मौजूद पितृसत्तात्मक और पुरुषवादी सोच भी एक बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि छात्राओं और महिलाओं द्वारा यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाना महत्वपूर्ण है। पंजाब विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय और बिहार में छात्राओं द्वारा यौन उत्पीड़न की घटनाओं के खिलाफ किए जा रहे आंदोलनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे अन्य महिलाओं और छात्राओं को भी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा मिलती है।
 
मोहन बिष्ट ने सितारगंज की 13 वर्षीय अपहृत बालिका के मामले को उठाते हुए कहा कि परिजनों के अनुसार बालिका के लापता होने के बाद से परिवार लगातार परेशान और तनाव में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस ने शुरुआती दौर में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि 10 सितंबर को भाकपा (माले) की ओर से प्रदर्शन किए जाने और इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के बाद पुलिस ने मामले में सक्रियता दिखाई। उन्होंने कहा कि यदि शुरुआत से ही इसी तरह सक्रियता दिखाई जाती तो संभव है कि बालिका की बरामदगी पहले हो जाती।
 
बैठक में ललित मटियाली, अनिता अन्ना, शबीना, अरमान, समीर, सुलेमान, मोहन बिष्ट, गुलशन, फैज, नाजिम खान, शानू, तारा समेत कई लोग मौजूद रहे।

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