न्यायालय में चल रहे विवादित जमीन का हल्का लेखपाल पर पैमाइश करने का लगा आरोप

पीड़ित के अनुसार, वह अनुसूचित जाति (चमार) से संबंधित है। उसने अपनी पत्नी मीना कुमारी के साथ पट्टीदारों की आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर अपने हिस्से की भूमि पर मकान और दुकान का निर्माण कराया है।

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बस्ती। बस्ती जिले में वरिष्ठ अधिकारियों के मनमानी से जनता को न्याय मिल पाना मुश्किल हो गया है लेखपाल के गलत रिपोर्ट और पैसा लेकर जबरदस्ती कब्जा करने का आरोप शिकायतकर्ता ने लगायादीवानी न्यायालय बस्ती में जमीन से संबंधित विवाद विचाराधीन होने के बावजूद राजस्व विभाग द्वारा विवादित भूमि की पैमाइश किए जाने और टीनशेड हटवाने की कथित धमकी देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित रविशंकर पुत्र हरिश्चन्द्र ने हल्का लेखपाल अरविन्द कुमार यादव के खिलाफ उच्च अधिकारियों को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
 
पीड़ित के अनुसार, वह अनुसूचित जाति (चमार) से संबंधित है। उसने अपनी पत्नी मीना कुमारी के साथ पट्टीदारों की आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर अपने हिस्से की भूमि पर मकान और दुकान का निर्माण कराया है। यह भूमि गाटा संख्या 60, रकबा 0.0160 हेक्टेयर, मौजा पिकौरा बक्स, तप्पा हवेली, परगना बस्ती पूरब, तहसील एवं जिला बस्ती में स्थित है।
 
*निजी सहन और रास्ते पर कब्जे के प्रयास का आरोपशिकायतकर्ता का कहना है कि उसने अपने मकान और दुकान के सामने निजी उपयोग के लिए सहन छोड़ रखा है, जहां टीनशेड भी लगा हुआ है। उसके अनुसार, वह और उसके पट्टीदार लंबे समय से आपसी सहमति के आधार पर सहन एवं रास्ते का उपयोग करते आ रहे हैं। आरोप है कि सटे हुए गाटा संख्या 62, रकबा 0.0590 . हेक्टेयर के स्वामी रामसरन पुत्र श्यामसुंदर तथा उनके पुत्र अमरदीप यादव और इंद्रसेन यादव उक्त सहन एवं रास्ते पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।लेखपाल पर धमकी देने का आरोपरविशंकर ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि हल्का लेखपाल अरविन्द कुमार यादव विपक्षियों के प्रभाव में आकर उसे बार-बार धमकाते हैं। पीड़ित का दावा है कि उसका टीनशेड उखड़वाने, विपक्षियों को कब्जा दिलाने और उसके विरुद्ध सरकारी मुकदमा दर्ज कराकर फंसाने की धमकी दी जा रही है। इससे उसका परिवार भयभीत है और उसे अपने मकान के सामने स्थित सहन एवं रास्ते पर जबरन कब्जा होने की आशंका है।
 
न्यायालय में वाद लंबित होने के बावजूद लेखपाल पर पैमाइश करने का आरोप*
 
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उक्त विवाद से संबंधित मामला दीवानी न्यायालय, बस्ती में वाद संख्या 788/2026, रविशंकर बनाम रामसरन आदि, के रूप में विचाराधीन है। पीड़ित का आरोप है कि न्यायालय में मामला लंबित होने की जानकारी देने के बावजूद राजस्व विभाग की ओर से उसे बार-बार परेशान किया जा रहा है और टीनशेड खाली कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
 
पीड़ित ने लेखपाल पर विपक्षियों से रिश्तेदारी होने के कारण निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाने की आशंका भी जताई है।
 
जनता की समस्या पर बारिश अधिकारी नहीं ध्यान दे रहेवरिष्ठ अधिकारी से जांचकराने की मांग
 
शिकायतकर्ता ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ एवं निष्पक्ष राजस्व अधिकारी से कराई जाए। जांच पूरी होने तक संबंधित लेखपाल को इस विवाद से जुड़ी राजस्व कार्यवाही से अलग रखने, गाटा संख्या 60 एवं 62 के राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति का निष्पक्ष सत्यापन कराने तथा आरोप प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।
 
इसके साथ ही पीड़ित ने न्यायालय में विचाराधीन वाद को ध्यान में रखते हुए विधिक प्रक्रिया के अनुरूप ही कार्रवाई सुनिश्चित करने, अपने परिवार को अनावश्यक उत्पीड़न से बचाने और शिकायत पर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस शिकायत का संज्ञान लेकर क्या कार्रवाई करते हैं ?
 
 

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