प्रशासन को राहत सामग्री वितरण करने के लिए भी करनी बड़ी मस्कत पुरानी यादें दोहराईं गई टैक्टर ट्राली की सवारी से 

इस गांव के लिए सुचारू रूप से कोई भी रास्ता न होने का कारण भी वही का एक चर्चित व्यक्ति है

हर्षिता यादव  Picture
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विश्व देव राठौर 
 
बरेली/भदपुरा विकासखंड की एक ग्राम पंचायत ऐसी भी है जो आज भी 50 वर्ष पूर्व की याद दिलाता है यह कोई और गांव नहीं नवाबगंज विधानसभा का गांव जारपा मोहनपुर है जिसके दोनों तरफ नदियां हैं बीच में लंका की तरह रह रहे यहां के ग्रामीणों को जब बरसा ऋतु आती है तो उनका मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है और वह गांव टापू बनकर रह जाता है इस गांव के लिए सुचारू रूप से कोई भी रास्ता न होने का कारण भी वही का एक चर्चित व्यक्ति है ।
 
प्रशासन को राहत सामग्री वितरण करने के लिए भी करनी बड़ी मस्कत पुरानी यादें दोहराईं गई टैक्टर ट्राली की सवारी से 
 
जो अपने को कभी भी अपनी नाक पर मक्खी नहीं बैठने देता परंतु उसी के कारण यह गांव नरक का जीवन जी रहा है इसी क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा भेजी गई बाढ़ राहत सामग्री का वितरण करने के लिए एसडीम नवाबगंज सचिन यादव तहसीलदार सतेंद्र कटियार विधायक डॉक्टर एमपी आर्य भदपुरा ब्लॉक प्रमुख रवि शंकर गंगवार समेत अनेकों लोग पुलिस बल के साथ गांव में राहत सामग्री वितरण करने के लिए निकले ।
 
तो उनको इसी विकासखंड के गांव सिलरा में अपने बाहन छोड़कर पुराना इतिहास दोहराते हुए ट्रैक्टर ट्राली लेकर जारपा मोहनपुर को रवाना हुए परंतु ट्रैक्टर ट्राली भी गांव तक राहत सामग्री लेकर नहीं पहुंच सके तो रास्ते में ही बैठकर एक जगह पर लाभार्थियों को बुलाकर वितरण किया गया इस पर एसडीम नवाबगंज द्वारा नाराजगी व्यक्ति की गई तो पता चला इस गांव की सड़क निर्माण के लिए आई धनराशि इसी गांव के एक व्यक्ति की कारीगरी के कारण सड़क निर्माण नहीं हो सका ।
 
प्रशासन को राहत सामग्री वितरण करने के लिए भी करनी बड़ी मस्कत पुरानी यादें दोहराईं गई टैक्टर ट्राली की सवारी से 
 
और धनराशि वापस हो गई है एसडीएम ने इस पर कल रुख अपनाते हुए कहा अब सड़क बनेगी खुरपति कितना ही बड़ा क्यों ना हो उसे उसकी औकात बताकर सड़क का निर्माण कराया जाएगा आवश्यकता पड़ी तो इस स्थान पर पी ए सी लगा दी जाएगी इसके बाद क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर एमपी आर्य द्वारा बताया गया सड़क का पैसा आज भी सुरक्षित है
 
इसके बाद एसडीएम ने गांधी जयंती के दिन दो अक्टूबर को इस सड़क का शिलान्यास करने के लिए तारीख निश्चित कर दी है। जिसके लिए विधायक ने भी स्वीकार किया परंतु 50 साल पुरानी यादगार उस वक्त याद आई जब जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासन के लोग ट्रैक्टर ट्राली पर बैठकर गांव को रवाना हुए।

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