गौवंशों की लगातार मौत पर सुदामा का प्रशासन से सवालजिम्मेदार कौन

रमना तौफीक गौ संरक्षण केंद्र में चार दिनों में 9 गौवंशों की मौत का दावा, जांच और जवाबदेही तय करने की मांग

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बस्ती। बस्ती जिले के रमना तौफीक वृहद गौ संरक्षण केंद्र रमना तौफीक में लगातार 3दिनों में 9 गौवंशों की मौत के मामले को लेकर भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामाजी’ ने उपजिलाधिकारी हर्रैया को सम्बोधित मांग पत्र तहसीलदार हर्रैया को सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, बीमार गौवंशों के तत्काल उपचार तथा जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।पाण्डेय के निरीक्षण में, 29 सितम्बर को चार, 30 सितम्बर को तीन तथा 2 अक्टूबर को दो गौवंशों की मृत्यु की स्थिति सामने आई है। उन्होंने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए कहा कि लगातार मौतों के बावजूद समय रहते सक्षम अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण और प्रभावी सुधारात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह जांच का विषय है।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि गौशाला में पर्याप्त चारा, पानी, पोषण और चिकित्सा व्यवस्था पहले से उपलब्ध थी तो लगातार गौवंशों की मौत क्यों हुई? और यदि व्यवस्था अब दुरुस्त की जा रही है तो पूर्व में निगरानी एवं देखरेख की जिम्मेदारी किसकी थी?
 
सुदामा ने सात प्रमुख बिंदुओं पर जांच की मांग की है। इनमें नियमित पशु चिकित्सक एवं चिकित्सा टीम की उपलब्धता, नोडल अधिकारी की नियुक्ति एवं निरीक्षण, उपचार पंजिका और मृत्यु पंजिका, चारा-भूसा स्टॉक रजिस्टर, पूर्व निरीक्षण रिपोर्ट तथा 29 सितम्बर से 2 अक्टूबर के बीच हुई नौ मौतों के वास्तविक कारणों की जांच शामिल है।उन्होंने मांग की कि सभी बीमार एवं मरणासन्न गौवंशों का तत्काल चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाए तथा पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण भूसा, दाना, पानी और पोषण की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यदि जांच में उपचार, पोषण, देखरेख या प्रशासनिक निगरानी में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी अथवा व्यक्ति की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।सुदामा ने कहा, “ये बेजुबान अपने पक्ष में बोल नहीं सकते। उनकी चिकित्सा, भोजन और संरक्षण की जिम्मेदारी जिस व्यवस्था पर है, उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। हमारा सीधा सवाल है कि चार दिनों में हुई नौ गौवंशों की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है?”
 
उन्होंने प्रशासन से दो दिनों के भीतर व्यवस्था में ठोस सुधार तथा जांच एवं कार्रवाई की लिखित रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की है। मांगों पर प्रभावी कार्रवाई न होने पर उन्होंने जनहित एवं गौवंश संरक्षण के मुद्दे को लेकर कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। 
 
इस मौके पर श्री पाण्डेय के साथ देवशरण शुक्ल, अनिल शुक्ल, राजेश पाल, सुनील सोनकर,सूर्यप्रकाश मिश्र,विमल पाण्डेय,अनीश पाण्डेय, रणजीत गौड़, राहुल विश्वकर्मा,राजीव पाण्डेय,पवन शुक्ल, श्रवण शुक्ल, आशीष मिश्र,गिरजा शंकर द्विवेदी, गणेश पाण्डेय, सुरेन्द्र सोनकर, उमेश श्रीवास्तव, विजय चौहान,अजय यादव, आदित्य शर्मा,अभिषेक सोनकर, देवराज सिंह, अमरनाथ शुक्ल सहित मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
 
 

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