बलिया में मड़ुआ का आटा खाने से 49 महिलाएं और पांच बच्चे बीमार

जिउतिया के नहाय-खाय के दौरान मड़ुआ की रोटी-लिट्टी खाने के बाद बिगड़ी तबीयत; तीन बुजुर्ग महिलाओं की हालत गंभीर, डीएम ने दिए जांच के निर्देश

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बलिया। जिउतिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत की तैयारियों के बीच शुक्रवार को बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के छाता और आसपास के गांवों में उस समय हड़कंप मच गया, जब मड़ुआ (रागी) के आटे से बनी रोटी और अन्य पकवान खाने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी, पेट दर्द, चक्कर, कंपकंपी और बेहोशी जैसी शिकायतों के बाद प्रभावित लोगों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन के अनुसार 49 महिलाएं और पांच बच्चे अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। तीन बुजुर्ग महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, जिउतिया व्रत के नहाय-खाय की परंपरा के तहत महिलाओं ने स्थानीय दुकान से मड़ुआ का आटा खरीदकर घरों में रोटी, लिट्टी आदि तैयार की थी। सेवन करने के कुछ ही देर बाद एक-एक कर महिलाओं और बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कई घरों में चीख-पुकार और अफरातफरी का माहौल बन गया। गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया।

जिला अस्पताल में भर्ती, प्रशासन ने संभाली कमान

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने जिला अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों का हाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में भी भेजी गईं, जबकि जरूरत के अनुसार एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।

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जिलाधिकारी ने बताया कि छाता और आसपास के गांवों से प्रभावित लोगों के अस्पताल पहुंचने की जानकारी मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को संबंधित दुकान और खाद्य सामग्री की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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खाद्य सुरक्षा विभाग ने लिए नमूने

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प्रशासन की ओर से संबंधित मड़ुआ के आटे और तैयार खाद्य सामग्री के नमूने लिए जा रहे हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बीमारी का वास्तविक कारण क्या था और आटे में किसी प्रकार की मिलावट या विषाक्त पदार्थ मौजूद था या नहीं।

डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया कि जांच में खाद्य सामग्री में गड़बड़ी, मिलावट अथवा लापरवाही सामने आने पर संबंधित दुकानदार और आपूर्तिकर्ता के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एक ही स्थान पर इलाज की व्यवस्था की मांग

घटना के बाद मरीजों के उपचार और उनके परिजनों की सुविधा को लेकर क्षेत्रीय विधायक केतकी सिंह ने भी स्वास्थ्य अधिकारियों से समन्वय किया। सीएमएस डॉ. सुजीत कुमार यादव से मरीजों को यथासंभव एक ही वार्ड अथवा निर्धारित स्थान पर रखकर उपचार की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि चिकित्सकों के साथ-साथ परिजनों और जनप्रतिनिधियों को भी मरीजों की स्थिति की जानकारी लेने में सुविधा हो।

जांच रिपोर्ट से सामने आएगा बीमारी का कारण

फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता सभी मरीजों का समुचित उपचार और उनकी स्थिति पर निगरानी बनाए रखना है। मड़ुआ के आटे के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भोजन विषाक्तता का कारण आटे की गुणवत्ता थी या कोई अन्य खाद्य पदार्थ। घटना के बाद आसपास के गांवों में भी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।

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