भारत
ओबरा बांध के जलस्तर में वृद्धि के दृष्टिगत प्रशासन अलर्ट
जिला प्रशासन द्वारा सिंचाई विभाग, जल विद्युत विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए दिये निर्देश
राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -
ओबरा बांध के कैचमेंट क्षेत्र में हो रही वर्षा तथा रिहन्द एवं ओबरा जल विद्युत गृह से पानी के प्रवाह के कारण ओबरा बांध के अपस्ट्रीम में जलस्तर बढ़ने के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है।
ओबरा बांध का जलस्तर 193.24 मीटर के पूर्ण जलाशय स्तर (FRL) से अधिक होकर 193.25 मीटर तक पहुंचने एवं जलस्तर में लगातार वृद्धि के दृष्टिगत 26/27 अगस्त 2026 की रात्रि 2:35 बजे आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए गेट संख्या-8 को 3 फीट खोला गया। वर्तमान में बांध की तीनों जल विद्युत टरबाइनें संचालित हैं। टरबाइनों के माध्यम से लगभग 14,404 क्यूसेक तथा गेट के माध्यम से लगभग 3,600 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। 27 अगस्त को प्रातः 8 बजे ओबरा बांध का जलस्तर 193.20 मीटर दर्ज किया गया।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को ओबरा बांध एवं उसके डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जलस्तर की लगातार निगरानी रखने तथा संभावित परिस्थितियों के दृष्टिगत सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित उप जिलाधिकारियों, तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रिहन्द बांध का जलस्तर भी 27 अगस्त को प्रातः 8 बजे 868.60 फीट दर्ज किया गया, जो इसकी पूर्ण क्षमता 870 फीट के निकट है। वर्तमान में रिहन्द जल विद्युत गृह की टरबाइनों के माध्यम से लगभग 17,385 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। जलस्तर सामान्य नहीं होने की स्थिति में रिहन्द बांध के गेट खोले जाने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि रेणु नदी एवं सोन नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोग नदी के किनारे अथवा जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित तहसील एवं जिला प्रशासन को सूचना दें।
जिला प्रशासन द्वारा सिंचाई विभाग, जल विद्युत विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।


Comments