कालवर्ट के अभाव में सोनाइछड़ा स्कूल के विद्यार्थियों को आवागमन में भारी परेशानी।

श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर शिक्षा खंड के अंतर्गत दुल्लभछड़ा जीपी के दामछड़ा 9 नंबर लाइन क्षेत्र में स्थित सोनाइछड़ा एल.पी. स्कूल के छात्र-छात्राओं,

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श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :
 
श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर शिक्षा खंड के अंतर्गत दुल्लभछड़ा जीपी के दामछड़ा 9 नंबर लाइन क्षेत्र में स्थित सोनाइछड़ा एल.पी. स्कूल के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय लोगों को लंबे समय से सुरक्षित आवागमन की सुविधा नहीं मिलने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 1982 में स्थापित इस विद्यालय को 44 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन स्कूल तक पहुंचने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर आज तक स्थायी कलवर्ट का निर्माण नहीं किया गया है।
 
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विद्यालय तक जाने वाले रास्ते में मौजूद एक नाले को पार करने के लिए वर्षों से बांस के अस्थायी पुल का सहारा लेना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सुपारी के पेड़ के तनों के सहारे भी छोटे-छोटे बच्चे जोखिम उठाकर नाला पार करते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को हर दिन दुर्घटना की आशंका के बीच स्कूल आना-जाना पड़ता है। विशेषकर बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। बारिश के कारण नाले में पानी का स्तर बढ़ जाता है और बांस का पुल तथा सुपारी के तने फिसलन भरे हो जाते हैं। अभिभावकों को आशंका है कि किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।
 
छोटे बच्चों के गिरकर हाथ-पैर में चोट लगने से लेकर किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अभिभावकों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लंबे समय से इस समस्या को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी पहल नहीं की गई। दुल्लभछड़ा ग्राम पंचायत प्राधिकरण और संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि सरकार विभिन्न शिक्षा एवं विकास योजनाओं पर बड़ी राशि खर्च कर रही है, फिर प्राथमिक विद्यालय के छोटे बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक छोटा-सा कलवर्ट बनाने में इतनी लंबी देरी क्यों हो रही है? नियमित विद्यालय निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों की नजर इस गंभीर समस्या पर क्यों नहीं पड़ी, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
 
अभिभावकों की मांग है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारी, ग्राम पंचायत प्राधिकरण और प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण करें। साथ ही समस्या की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द स्थायी कलवर्ट के निर्माण की पहल की जाए।
 
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद प्रशासन के सक्रिय होने का इंतजार करने के बजाय पहले ही इस समस्या का समाधान 

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