जिले का आबकारी विभाग देशी शराब की दुकानों को खुला संरक्षण देकर ग्राहकों को लूटने का एक नायाब तरीका ढूंढ निकाला
प्रदेश की योगी सरकार जीरो टेलरेंस नीति पर भले ही लाख दावे कर ले लेकिन हकीकत कुछ और ही है। जिले का आबकारी विभाग देशी शराब की दुकानों को खुला संरक्षण देकर ग्राहकों को लूटने का एक नायाब तरीका ढूंढ निकाला है।
बस्ती। प्रदेश की योगी सरकार जीरो टेलरेंस नीति पर भले ही लाख दावे कर ले लेकिन हकीकत कुछ और ही है। जिले का आबकारी विभाग देशी शराब की दुकानों को खुला संरक्षण देकर ग्राहकों को लूटने का एक नायाब तरीका ढूंढ निकाला है। पहले ओवर रेंिटंग की शिकायतें आम थी अब विभाग ने अवैध वसूली का नया पैतरा पिछले कई महीनों से बिना किसी डर व भय के बेधडक चला रखा है इस पैतरे से ग्राहकों निर्धारित मूल्य से 10 रूपया अधिक वसूला जा रहा है। बात का जब ग्राहक विरोध करता है तो सेल्समैन व उनके पालतू गुण्डे ग्राहकों के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हैं। ऐसी खबरें जिले के कोने कोने से आ रही हैं। लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारियों को न सुनाई देता है और न ही दिखाई देता है। कारण स्पष्ट है अवैध वसूली की बडी हिस्सेदारी विभागीय अधिकारियों मिलती रहती है। विभाग ने देशी शराब के लाइसेन्सियों को ग्राहकों को लूटने का खुला छूट दे दिया है। कहावत यहां चरितार्थ है विभाग ने दे दी छूट लूट सके तो लूट
बताते चलें कि पिछले एक सालों से विभाग ने शराब की दुकानों के खुलने का समय अपने मन मर्जी से सुबह 5 बजे से लेकर या यूं कहें कि 24 घण्टे खुलने की अनुमति ठेकेदारों को दे रखी है। हलांकि शासन द्वारा शराब के दुकानों के खुलने और बन्द होने के समय का निर्धारण पूर्व से ही निर्धारित कर रखा है जो प्रातः 10 बजे से रात 10 बजे तक ही निर्धारित है। लेकिन पिछले एक सालों से विभाग ने अपने मन माने रवैये से 24 घण्टे कर दिया है। लेकिन ग्राहकों के साथ लूटपाठ करने का समय सुबह 5 बजे से 10 बजे तक प्रत्येक पैक पर 10 रूपये अतिरिक्त हो रही है। फिर रात 10 बजे से प्रातः 10 बजे तक 10 रूपया प्रति पैकेट अवैध वसूली अभियान अबाध गति से गुण्डई के बल पर चलता रहता है। देशी शराब के अनेकों दुकानों से ग्राहकों के विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की घटनाऐं हो आम होती जा रही हैं। यहां यह कहना गलत नही होगा कि शराब की दुकानें अब 24 घण्टे शासनादेशों कों ताख पर रखकर विभागीय सहयोग से की जा रही हैं। प्रायः देखा जा रहा है कि देशी शराब की दुकानों मे प्रातः 5 बजे से ही शराब के शौकीनों की भीड इकठ्ठी होनी शुरू हो जाती है। लेकिन अन्धा बहरा विभाग कुछ देख नही पाता है। यदि देखा जाय तो ठेकेदारों के इस अवैध वसूली से प्रतिदिन लाखों रूपये का वारा न्यारा हो जाता है। इस अवैध वसूली के हिस्से का बडा रकम तो विभागीय अधिकारियों के जेब मे जाता है और ठेकेदार का तो बल्ले बल्ले है।
इस प्रकरण मे जिला आबकारी अधिकारी बहुुत ही घटिया स्तर का बयान देते हैं। उनका कहना है कि कम से कम हमारे ग्राहकों को शराब के लिए गैर जनपद मे तो नही जाना पडता है। अधिक से अधिक शराब बिके और शौकीनों को हर समय शराब मिले तो इसमें बुरा क्या है ?
इस सम्बन्ध मे बस्ती प्रभार बस्ती के उप आबकारी आयुक्त एसपी पाण्डेय ने कहा कि शराब के दुकानों के खुलने और बन्द होने का समय शासन द्वारा निर्धारित है। नाजायज तरीके से प्रतिबन्धित समय मे शराब बेंचना, अधिक मूल्य की वसूली करना गंभीर बात है। उन्होेने कहा कि प्रकरण की गंभीरता से जांच करायी जायेगी दोषी पाये जाने पर संलिप्त अधिकारियों व दोषियों के विरूद्व कडी कार्यवाही की जायेगी।
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