कृमि मुक्ति अभियान में एक्सपायरी डेट करीब,दवाओं की सप्लाई से अभिभावक नाराज

लंबी एक्सपायरी वाली दवाओं की मांग न करके गत वर्ष के अभियान में बचे दवाओं को इस वर्ष खपा दिया

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सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों को बांटी गई एल्बेंडाजोल  टैबलेट की एक्सपायरी डेट करीब को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उस्का बाजार द्वारा बीआरसी के माध्यम से स्कूलों में जो दवाएं भिजवाई गईं, उनमें कुछ दवाओं की एक्सपायरी तिथि इसी वर्ष सितंबर अंकित है। अभियान के समय दवा की वैधता में सिर्फ  कुछ ही दिन का समय बचा है। इसे लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और दूरदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
 
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े अभियानों में इतनी कगार (बॉर्डरलाइन) पर खड़ी दवाओं की सप्लाई करना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। यदि कोई बच्चा 10 अगस्त को बीमार होने के कारण दवा नहीं खा पाया, या 'मॉप-अप राउंड' के बाद भी उसकी तबीयत खराब रही, तो सितंबर आते ही यह दवा बेकार और असुरक्षित हो जाएगी। सवाल यह उठ रहा है कि सीएचसी प्रशासन ने केंद्रीय भंडार से कम से कम 6 महीने या साल भर की लंबी एक्सपायरी वाली दवाओं की मांग न करके गत वर्ष के अभियान में बचे दवाओं को इस वर्ष खपा दिया।
 
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि सितंबर 2026 की एक्सपायरी वाली दवा अगस्त में खाना सुरक्षित है, लेकिन वे भी मानते हैं कि ऐसी दवाओं के वितरण में जोखिम रहता है। यदि किसी वजह से बाढ़, छुट्टी या प्रशासनिक देरी के कारण अभियान टल जाता, तो यह दवाएं एक्सपायर हो जातीं और सरकारी धन की भारी बर्बादी होती। अभिभावकों ने मांग की है कि भविष्य में बच्चों को दी जाने वाली किसी भी दवा की आपूर्ति करते समय एक्सपायरी डेट में कम से कम छह से 12 महीने का अंतर अनिवार्य किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में बच्चों की सेहत और सरकारी संसाधनों पर आंच न आए।
 
क्या कहते हैं अधिकारी
स्वास्थ्य विभाग को दी गई सूचना सीएचसी उसका द्वारा बीआरसी पर दवा उपलब्ध कराई गई थी। दवा की एक्सपायरी डेट बहुत करीब होने के संबंध में जानकारी सीएचसी अधीक्षक को समय से दे दी गई थी।  अशोक कुमार सिंह, बीईओ उसका  विभागीय नियम के अनुसार स्टाक में उपलब्ध जल्द एक्सपायर होने वाली दवाओं की आपूर्ति पहले की गई। सितंबर में एक्सपायर होने वाली दवा का इस समय प्रयोग सुरक्षित है।

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