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सुप्रीम कोर्ट से आसाराम को झटका
खराब सेहत पर नहीं मिली अंतरिम जमानत
ब्यूरो, प्रयागराज। जोधपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। खराब स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका पर शीर्ष अदालत ने कोई आदेश जारी नहीं किया। कोर्ट ने याचिका को लंबित रखते हुए कहा कि यदि भविष्य में आसाराम की तबीयत अधिक बिगड़ती है तो वह दोबारा अंतरिम जमानत की मांग कर सकते हैं।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में अंतरिम जमानत पर कोई आदेश नहीं दिया जा सकता। हालांकि, याचिका रिकॉर्ड पर रहेगी और जरूरत पड़ने पर बाद में इस पर सुनवाई की जा सकती है।
राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि आसाराम ने राजस्थान हाईकोर्ट से 20 दिन की पैरोल मांगी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जमानत की मांग के दौरान इस तथ्य का उल्लेख नहीं किया गया। फिलहाल आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से 20 दिन की पैरोल मिली हुई है।
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका पर विचार करने से पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में कहा गया कि फिलहाल आसाराम को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं है, लेकिन उनकी सेहत पर 24 घंटे निगरानी रखी जानी चाहिए।
21 जुलाई की सुनवाई में कोर्ट ने राजस्थान सरकार से आसाराम की ताजा मेडिकल रिपोर्ट मांगी थी। अदालत ने कहा था कि यदि रिपोर्ट में उनकी हालत गंभीर पाई जाती है तो केवल इलाज के लिए सीमित अवधि की अंतरिम जमानत पर विचार किया जा सकता है।
इससे पहले 17 जुलाई को आसाराम की ओर से खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कुछ समय के लिए अंतरिम जमानत की मांग की गई थी। तब कोर्ट ने राजस्थान सरकार को मेडिकल रिपोर्ट की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था।
सुनवाई के दौरान तुषार मेहता ने दावा किया था कि आसाराम की सेहत ठीक है। उन्होंने बताया था कि करीब तीन महीने पहले आसाराम अयोध्या और काशी विश्वनाथ गए थे और वहां पैदल चलकर दर्शन भी किए थे। सरकार ने ताजा मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आश्वासन दिया था।


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