मलिहाबाद:खड़ौहा में दीवार ढहने से 11 वर्षीय शिवा की दर्दनाक मौत

इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र के खड़ौहा गांव में शनिवार दोपहर हुई मूसलाधार बारिश एक परिवार के लिए जिंदगी भर का गहरा जख्म बन गई। लगातार हो रही बारिश के चलते एक पुराने कच्चे मकान की मिट्टी की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय घर के बाहर गलीनुमा हिस्से में खेल रहे 11 वर्षीय शिवा दीवार के मलबे में दब गया। काफी प्रयासों के बाद जब ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं शिवा के साथ खेल रहा उसका मामा का बेटा कृष्णा बाल-बाल बच गया।
 
जानकारी के अनुसार, यह हादसा गांव निवासी सुनील के पुराने कच्चे मकान के पास हुआ, जो अंबेडकर पार्क के निकट स्थित है। शनिवार दोपहर बारिश के दौरान शिवा और उसका ममेरा भाई कृष्णा मकान के गलियारे में खेल रहे थे। तभी अचानक जर्जर और बारिश से कमजोर हो चुकी मिट्टी की दीवार भरभराकर दोनों बच्चों की ओर गिर गई। मलबा गिरते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। कृष्णा किसी तरह सुरक्षित निकल आया, लेकिन शिवा भारी मलबे के नीचे दब गया।
 
घटना के समय पास में मौजूद एक अन्य बच्चे ने शोर मचाकर ग्रामीणों को हादसे की जानकारी दी। सूचना मिलते ही आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर करीब 20 मिनट तक लगातार मशक्कत कर मिट्टी और मलबा हटाया। काफी प्रयासों के बाद शिवा को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। मासूम की मौत की पुष्टि होते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
 
बताया जा रहा है कि शिवा अपने परिवार का चहेता था। उसके परिवार में माता-पिता, दो भाई और एक बहन हैं। बेटे की असमय मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मां का विलाप सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। गांव के लोगों ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
 
घटना की सूचना मिलते ही रहीमाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण कच्ची और जर्जर दीवार कमजोर हो गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
 
बरसात के मौसम में इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि पुराने और जर्जर कच्चे मकानों की समय रहते जांच और मरम्मत कितनी आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई परिवार ऐसे मकानों में रहने को मजबूर हैं, जो तेज बारिश के दौरान कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में जर्जर मकानों का सर्वे कराकर ऐसे भवनों को चिन्हित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।

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