शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 81 दिवसीय गौरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा पहुंची बिसवां 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का संकल्प भी दिलाया

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

बिसवां/सीतापुर। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 81 दिवसीय गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा  मंगलवार को बिसवां पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र एवं ताल मखाने के फूलों से तैयार विशेष मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। पत्थर शिवाला धाम के सामने एवं बाबा मनसाराम चुंगी के निकट आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य केवल गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना है और यह अभियान मांग पूरी होने तक निरंतर चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई सरोकार नहीं है।
 
जो भी दल गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, उन्हें उसी का समर्थन मिलेगा  उन्होंने आरोप लगाया कि अनेक संतों की मांग के बावजूद केंद्र सरकार ने अब तक गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया है। सभा के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का संकल्प भी दिलाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें