बलरामपुर सीएमओ के निरीक्षण में खुली स्वास्थ्य विभाग की पोल:दो सीएचसी से 22 कर्मचारी गायब

गंदगी पर फटकार; वेतन रोकने के निर्देश. 

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बलरामपुर- मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी के निरीक्षण में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में कमियां मिली। बुधवार दोपहर करीब दो बजे सीएचसी उतरौला और सीएचसी गैण्डास बुजुर्ग का निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ को दोनों अस्पतालों में कुल 22 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कई वार्डों में गंदगी, बिना चादरों वाले बेड और बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में भी लापरवाही सामने आई। सीएमओ ने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।सीएचसी उतरौला में उपस्थिति पंजिका की जांच के दौरान नौ अधिकारी-कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए।
 
इनमें चार चिकित्सकों समेत लैब टेक्नीशियन, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, कंप्यूटर ऑपरेटर और स्वीपर शामिल हैं।निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी और हीट वेव वार्ड में गंदी चादरें मिलीं, जबकि बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में भी गंभीर अनियमितताएं मिलीं। सीएमओ ने सभी मरीजों के पर्चे आभा आईडी (ABHA ID) के माध्यम से ऑनलाइन बनाने, वार्डों में प्रतिदिन साफ चादरें बिछाने और मरीजों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके बाद सीएमओ ने सीएचसी गैण्डास बुजुर्ग का निरीक्षण किया, जहां स्थिति और भी खराब मिली।
 
यहां 13 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। कई कर्मचारियों ने उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर तो किए थे, लेकिन अस्पताल में मौजूद नहीं मिले। निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक भी अनुपस्थित थे। वार्डों में कई बेड बिना चादरों के मिले, कुछ पर गंदी बेडशीट बिछी थी और इमरजेंसी वार्ड की साफ-सफाई भी बेहद खराब मिली। तकियों पर कवर तक नहीं थे। इस पर सीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया।सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने दोनों अस्पतालों के अधीक्षकों को निर्देश दिए कि निरीक्षण में मिली सभी कमियों को तत्काल दूर किया जाए। साथ ही अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर टिप्पणी सहित अनुपालन रिपोर्ट शीघ्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

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