धारा 163 लागू होने की घोषणा के बावजूद नहीं मानी चेतावनी

जांच जारी, आगे हो सकती हैं और गिरफ्तारियां

अमित राघव Picture
Published On

संसद मार्च के दौरान हिंसा: दिल्ली पुलिस की पहली FIR आई सामने, हत्या के प्रयास समेत 13 गंभीर धाराओं में केस दर्ज

खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)

नई दिल्ली। संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज पहली एफआईआर (FIR) की कॉपी सामने आ गई है। कर्तव्य पथ थाना में दर्ज इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास सहित 13 गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस बल पर हमला किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।

हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा

दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को गंभीर अपराध मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या के प्रयास) सहित कुल 13 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला संसद और रेल भवन जैसे अति संवेदनशील एवं उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में हुई हिंसा से जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है।

पुलिस पर हमला, कई जवान घायल

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए और उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और पथराव किया गया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने चप्पलें, पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकीं, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने दावा किया है कि हमला बेहद आक्रामक था और जवानों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया था।

Read More ट्यूबल पर सो रहे बुजुर्ग की हत्या से क्षेत्र में सनसनी, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

सरकारी और निजी संपत्ति को पहुंचा नुकसान

हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा कई सरकारी बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आसपास खड़े निजी वाहनों को भी क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस संबंध में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं भी एफआईआर में शामिल की हैं।

मड़ियांव पुलिस का बड़ा खुलासा, पांच शातिर चोर दबोचे, लाखों का माल बरामद Read More मड़ियांव पुलिस का बड़ा खुलासा, पांच शातिर चोर दबोचे, लाखों का माल बरामद

हालात बिगड़ने पर पुलिस ने किया बल प्रयोग

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को कई बार शांतिपूर्वक पीछे हटने और निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए कहा गया, लेकिन जब भीड़ लगातार आगे बढ़ती रही और बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया गया, तब हालात को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया गया। इसके साथ ही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई संसद, रेल भवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई।

पत्रकारों पर हमले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो -:एनयूजे Read More पत्रकारों पर हमले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो -:एनयूजे

सुबह 5 बजे से तैनात थी पुलिस टीम

एफआईआर के मुताबिक, संबंधित इंस्पेक्टर की ड्यूटी सुबह 5 बजे से सी-हेक्सागन, जोन-11 (पिंक बूथ) पर लगाई गई थी। वायरलेस के माध्यम से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत रेल भवन राउंडअबाउट स्थित बैरिकेड्स पर पहुंची, जहां हजारों प्रदर्शनकारी पहले से मौजूद थे और लगातार नारेबाजी कर रहे थे।

धारा 163 लागू होने की घोषणा के बावजूद नहीं मानी चेतावनी

पुलिस ने एफआईआर में बताया है कि मौके पर लाउडस्पीकर के जरिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने तथा प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बार-बार घोषणा की गई। प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक लौटने की अपील भी की गई, लेकिन पुलिस के अनुसार भीड़ ने चेतावनी को अनदेखा कर दिया और नारेबाजी जारी रखी।

बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने का आरोप

एफआईआर में कहा गया है कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अन्य प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स तोड़कर संसद भवन की ओर बढ़ने के लिए उकसाया। इसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव शुरू हो गया। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान सुरक्षा घेरा तोड़ने का भी प्रयास किया गया।

वीडियो फुटेज और सीसीटीवी के आधार पर होगी पहचान

दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

जांच जारी, आगे हो सकती हैं और गिरफ्तारियां

दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है ताकि हिंसा के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें