राष्ट्रीय कराटे चैंपियन बना सुपौल का लाल

अब चीन में करेगा भारत का प्रतिनिधित्व

BIHAR SWATANTRA PRABHAT Picture
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रिपोर्ट: जितेंद्र कुमार राजेश, बिहार

सुपौल। जिले के सात वर्षीय होनहार खिलाड़ी गीतांक आयुष ने अपनी असाधारण प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन से राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का गौरव बढ़ाया है। उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित कियो सब जूनियर, कैडेट एवं जूनियर नेशनल कराटे चैंपियनशिप-2026 में गीतांक ने अंडर-7 वर्ष (25 किलोग्राम वर्ग) में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। अब उसकी निगाह सितंबर-अक्टूबर में चीन में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता पर है, जहां वह भारत का प्रतिनिधित्व करेगा।

4 से 7 जून तक देहरादून के मल्टी पर्पस हॉल, परेड ग्राउंड में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। बिहार की ओर से उतरे गीतांक ने पूरे टूर्नामेंट में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए अपने सभी मुकाबले शानदार अंतर से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

गीतांक के कोच सुभाष कुमार ने बताया कि पहले मुकाबले में उसने सिक्किम के रेयांश क्षेत्री को 6-0 से हराया। दूसरे दौर में कर्नाटक के एम. गौड़ा विहान को भी 6-0 से मात दी। सेमीफाइनल में मध्य प्रदेश के एरोन जॉर्ज को 8-2 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबले में महाराष्ट्र के शौर्य प्रजापति को 6-0 से हराकर राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

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राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के बाद अब गीतांक का चयन चीन में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता के लिए हुआ है। सितंबर-अक्टूबर में होने वाली इस प्रतियोगिता में वह भारतीय टीम का हिस्सा होगा। इसके लिए उसे विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी देश के लिए पदक जीत सके।

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कम उम्र में मिली इस बड़ी उपलब्धि से गीतांक के परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों के साथ-साथ पूरे गांव और जिले के लोगों में भी गर्व और उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गीतांक ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है और वह क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बन गया है।

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कोच सुभाष कुमार ने विश्वास जताया कि यदि गीतांक को बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं मिलती रहीं तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत के लिए स्वर्णिम सफलता अर्जित करेगा। अब पूरे जिले की उम्मीदें चीन में होने वाली प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां यह नन्हा खिलाड़ी एक बार फिर तिरंगा ऊंचा लहराने के इरादे से उतरेगा।

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