खुशबू ने रचा इतिहास, नीट में सफलता से बढ़ाया क्षेत्र का मान

527 अंकों के साथ NEET में शानदार सफलता, डॉक्टर बनने की ओर बढ़ाया मजबूत कदम।

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खुशबू ने रचा इतिहास, नीट में सफलता से बढ़ाया क्षेत्र का मान 527 अंकों के साथ NEET में शानदार सफलता, डॉक्टर बनने की ओर बढ़ाया मजबूत कदम। "पीड़ित मानवता की सेवा ही मेरा लक्ष्य"— खुशबू गौतम। बेटी की सफलता से गौरवान्वित परिवार, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर।संघर्ष, संकल्प और सफलता की मिसाल बनीं सतरही की बेटी खुशबू गौतम।

आलापुर, अम्बेडकरनगर।

कड़ी मेहनत, अटूट आत्मविश्वास और सेवा के संकल्प ने आखिरकार सतरही गांव की बेटी खुशबू गौतम को वह मुकाम दिला दिया, जिस पर आज पूरा आलापुर क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। नीट (NEET) जैसी देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षा में 720 में से 527 अंक हासिल कर खुशबू ने न केवल अपने परिवार का सपना साकार किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान-सम्मान भी बढ़ाया है।

आलापुर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत सतरही निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख संगीता देवी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य बलिराम गौतम की पुत्री खुशबू गौतम की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे इलाके में हर्ष और उत्साह का माहौल है। बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और लोग इस उपलब्धि को क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बता रहे हैं।

खुशबू गौतम ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को देते हुए कहा कि "सेवा से ही शक्ति मिलती है। मेरा लक्ष्य केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि पीड़ित मानवता की सेवा करना है। डॉक्टर बनकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना ही मेरा संकल्प है।" उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनके बाबा स्वर्गीय धर्मराज का सपना था कि उनकी पोती डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करे।

आज नीट में सफलता प्राप्त कर उन्होंने उस सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य बलिराम गौतम ने कहा कि नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल करना किसी भी छात्र और उसके परिवार के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि खुशबू की सफलता निश्चित रूप से क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए नई प्रेरणा बनेगी।

खुशबू एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जिसने समाज और जनसेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी माता संगीता देवी पूर्व ब्लॉक प्रमुख रही हैं, जबकि पिता बलिराम गौतम पूर्व जिला पंचायत सदस्य के रूप में जनप्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी दादी मैना देवी वर्तमान में सतरही ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान हैं तथा परिवार लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है। खुशबू के चाचा भानू गौतम ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र में सक्रिय हैं, जबकि उनके ताऊ विवेक कुमार सहारनपुर जनपद में उपनिबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी बुआ डॉ. प्रेमलता गौतम (बीएएमएस) चिकित्सा सेवा से जुड़ी हैं, जिन्होंने भी खुशबू को चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।परिवार में शिक्षा का माहौल भी प्रेरणादायक है। बड़ी बहन मनीषा गौतम लखनऊ स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से बीबीए एलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं। छोटी बहन स्वाति गौतम इंटरमीडिएट की छात्रा हैं, जबकि भाई आदित्य कुमार कक्षा 11 में अध्ययनरत हैं। खुशबू गौतम की इस शानदार उपलब्धि पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों तथा क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। लोगों का कहना है कि बेटियों की ऐसी सफलताएं केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और जिले का गौरव बढ़ाती हैं। खुशबू की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदार हो और सेवा का भाव मन में हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। सतरही की इस बेटी ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की जा सकती है। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें खुशबू के उस अगले कदम पर हैं, जब वह सफेद कोट पहनकर मानवता की सेवा के अपने संकल्प को साकार करेंगी।

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