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बरहमोरी में जल, जंगल और जमीन को लेकर आदिवासी महापंचायत आयोजित, वनाधिकार मामले में त्वरित कार्यवाही की मांग
अपना दल( एस ) के युवा मंच ने उठाई वन अधिकार 2006 के क्रियान्वयन की मांग
महापंचायत में सर्वसम्मति से जल जंगल जमीन संघर्ष मोर्चा का गठन
कोन /सोनभद्र-
विकास खण्ड कोन के अंतर्गत बरहमोरी प्राथमिक विद्यालय परिसर में रविवार को रामसूरत खरवार की अध्यक्षता में आदिवासी महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई तथा वन अधिकार कानून, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग उठाई गई। कार्यक्रम में गांव और आसपास के क्षेत्रों से 500 से अधिक ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपना दल (एस) युवा मंच उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनन्द पटेल दयालु ने कहा कि वन अधिकार कानून, 2006 का उद्देश्य वर्षों से जंगलों में निवास करने वाले पात्र वनवासियों एवं आदिवासी समुदायों को उनके वैधानिक अधिकार दिलाना है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के अधिकार कानून के अंतर्गत बनते हैं, उनके दावों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाना चाहिए और संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में तत्काल प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं की भूमिका को और मजबूत बनाया जाए तथा पात्र लोगों को भूमि, लघु वन उपज एवं सामुदायिक वन संसाधनों से जुड़े अधिकार कानून के अनुरूप उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वनवासियों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों का सम्मान भी आवश्यक है।
आगे श्री दयालु ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एवं अपना दल (एस) गठबंधन की सरकार जनहित में कार्य कर रही है, लेकिन यदि कहीं अधिकारियों की लापरवाही या मनमानी के कारण पात्र लोगों को अधिकार मिलने में बाधा आती है तो उससे सरकार की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं होने दी जानी चाहिए तथा अधिकारियों को कानून के अनुरूप कार्य करना चाहिए।
बैठक के दौरान भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यसमिति सदस्य सुनील सिंह ने कहा कि महापंचायत में उठाई गई समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक कार्रवाई नहीं होती है तो मामले को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने अपील की कि वन अधिकार कानून के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र लाभार्थियों को बिना अनावश्यक विलंब उनके वैधानिक अधिकार दिए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित मामलों में विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की जाएगी।
अपना दल (एस) के वरिष्ठ नेता एवं जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय श्याम चरण गिरी ने कहा कि वे प्रभावित लोगों की आवाज लगातार उठाते रहे हैं और आगे भी उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा तथा न्याय दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
महापंचायत में सर्वसम्मति से जल जंगल जमीन बचाओ संघर्ष मोर्चा" का गठन किया गया। इसमें श्याम चरण गिरी को संयोजक, रामसूरत खरवार को अध्यक्ष तथा आनन्द पटेल दयालु एवं सुनील सिंह को संरक्षक बनाया गया।
कार्यक्रम में जनाब महताब आलम, प्रदेश सचिव, अल्पसंख्यक मंच, अपना दल (एस) ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आम लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाकर न्याय दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।महापंचायत में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही।


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