जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यकम का आयोजन, दी गई विधिक जानकारियां

महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानून पर विशेष जोर

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राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -

उ० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं मा. जनपद न्यायाधीश / अध्य, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के आदेशानुसार मंगलवार दिनांक 14.07.2026 को प्रातः 11:00 बजे पी०एम० राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज, राबर्ट्सगंज, सोनभद्र में राहुल सिविल जज सी०डि०/ सचिव (पूर्णकालिक), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एव स्वालम्बन हेतु POSH Act 2013 on Topic "Sexual Harassment of women on work place" एवं स्थायी लोक अदालत के विषय पर विधिक जागरूकता कार्यकम का आयोजन किया गया।

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सिविल जज सी०डि०/सचिव (पूर्णकालिक), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा बताया गया कि महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करना समाज और कानून की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने POSH Act 2013 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी भी कार्यस्थल पर महिलाओं को मानसिक, मौखिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना दंडनीय अपराध है। प्रत्येक संस्थान में इसके निवारण के लिए आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का होना अनिवार्य है, जहाँ पीडित महिला नीडर होकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है।

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इसके अलावा उपस्थित सभी बालिकाओं को तृतीय लिंग का कल्याण, उपभोक्ता अधिकार, नशे व धूम्रपान से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्यों, Acid Attack, PCPNDT Act, शिक्ष का अधिकार, नालसा द्वारा चलायी जा रही सभी योजनाओं, महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानून, घरेलू हिंसा, बालिका का जन्म और शिक्षा का अधिकार, कन्या भ्रूण हत्या और बालिका के प्रति भेदभाव, महिला स्वच्छता एवं सैनिटरी नैपकिन से संबंधित जागरूकता तथा स्थायी लोक अदालत एवं मध्यस्थता केन्द्र द्वारा सुलह के माध्यम से अभियान 2.0 के तहत अपने मुकदमें के निस्तारण एवं वैवाहिक विवादों के सुलभ

निस्तारण के संबंध में तथा घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005, लैंगिक अपराधों से संरक्षण, कार्यस्थल पर यौन शोषण संबंधी अधिनियम, गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम 1971, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, गिरफ्तारी से पूर्व गिरफ्तारी के समय एवं उसके बाद महिलाओं के अधिकार संबंधी प्रावधान व कानून, पूर्वगर्भाधान और प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 तथा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 अधिनियम की धारा 12 के अन्तर्गत महिलाओं को निःशुल्क विधिक सेवा प्राप्त करने के अधिक के बारे में उन्हे जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सत्यारमण त्रिपाठी, डिप्टी चीफ एल.ए.डी.सी., नीरज सिंह, सदस्य स्थायी लोक अदालत, प्रधानाचार्या वन्दना सिंह, राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज, राबर्ट्सगंज, शिक्षिकाएं अर्चना सिंह, निशा सिंह, पराविधिक स्वयं सेवक/अधिकार मित्र, दीपन कुमार एवं 215 बालिकाएं उपस्थित हुई।उक्त जानकारी राहुल सिविल जज सी०डी०/सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा दी गयी।

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