किसान के बेटे ने बढ़ाया गोंडा का गौरव, अग्निवीर जीडी में चयनित होकर देश सेवा के लिए नागपुर रवाना

विकासखंड रुपईडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत भवानीपुर उपाध्याय के मजरा छिछुली निवासी किसान परिवार के होनहार पुत्र शशांक शुक्ला का भारतीय सेना की अग्निवीर (जीडी) भर्ती में चयन होने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है।

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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता 
 
ब्यूरो गोण्डा। विकासखंड रुपईडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत भवानीपुर उपाध्याय के मजरा छिछुली निवासी किसान परिवार के होनहार पुत्र शशांक शुक्ला का भारतीय सेना की अग्निवीर (जीडी) भर्ती में चयन होने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है।
 
शशांक 1 जुलाई 2026 से नागपुर प्रशिक्षण केंद्र में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। देश सेवा के लिए रवाना होने से पूर्व गांव में उनका भव्य सम्मान किया गया। माता-पिता ने तिलक लगाकर, आरती उतारकर और आशीर्वाद देकर उन्हें विदा किया।
 
इस दौरान पूरा गांव देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। शशांक शुक्ला ने कहा कि बचपन से ही उनका एकमात्र सपना भारतीय सेना में भर्ती होकर मातृभूमि की सेवा करना था। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करना उनके लिए गर्व, सम्मान और सौभाग्य की बात है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों तथा ग्रामीणों के स्नेह और आशीर्वाद को दिया।
 
शशांक के पिता जग प्रसाद शुक्ला एक मेहनती किसान हैं, जिन्होंने खेती-किसानी करते हुए अपने पुत्र को बेहतर शिक्षा दिलाई और हर कदम पर उसका मनोबल बढ़ाया। उनकी माता मेनका शुक्ला गृहिणी हैं और परिवार का कुशलतापूर्वक संचालन करती हैं। माता-पिता के संस्कार, अनुशासन और त्याग ने ही शशांक के व्यक्तित्व को मजबूत बनाया।
 
शशांक ने अपनी हाईस्कूल की शिक्षा बाबू बच्चा सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, देवरिया कला भटपुरवा से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने श्री गाँधी आदर्श विद्यालय इंटर कॉलेज, खरगूपुर से इंटरमीडिएट प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ₹1.80 लाख की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। आगे उन्होंने नवीन चंद स्मारक महाविद्यालय, इटियाथोक से स्नातक की शिक्षा पूरी की।
 
शशांक का परिवार लंबे समय से राष्ट्र सेवा की भावना से जुड़ा रहा है। उनके बड़े पिताजी बजरंगी शुक्ला उत्तर प्रदेश होमगार्ड में सेवारत हैं। वहीं उनके चाचा बाबूराम शुक्ला भी उत्तर प्रदेश होमगार्ड में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके छोटे भाई हिमांशु शुक्ला भी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में प्रवेश के लिए तैयारी कर रहे हैं।
 
देश सेवा के लिए रवाना होने से पहले गांव में भावनात्मक माहौल देखने को मिला। सैकड़ों ग्रामीणों ने शशांक को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया तथा "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "जय हिंद" के नारों के बीच उनका उत्साहवर्धन किया। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि शशांक अपने अनुशासन, समर्पण और परिश्रम से गांव, जनपद और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
 
इस अवसर पर अमरनाथ तिवारी, प्रबल प्रताप, शशिभूषण, बृजभूषण तिवारी, हिमांशु, शुभांशु, संचित राम तिवारी, दीपक, दीपांशु, प्रयाग दत्त शुक्ला, मुक्तिनाथ शुक्ला, शिवम शुक्ला सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने शशांक को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल सैन्य जीवन की कामना की।
 
ग्रामीणों ने कहा कि किसान परिवार से निकलकर सेना में चयनित होना यह संदेश देता है कि कठिन परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और माता-पिता के संस्कार किसी भी युवा को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। शशांक शुक्ला की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उनमें भी देश सेवा का जज्बा मजबूत करेगी।
 
 

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