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नव भारतीय किसान संगठन ने मण्डलायुक्त को सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र
लखनऊ के बख्शी तालाब क्षेत्र में भू-माफियाओं के अवैध कब्जे और बढ़ते प्रदूषण को लेकर जताया गहरा रोष
ग्रामीण किसानों को 400 यूनिट मुफ्त बिजली और संपूर्ण कर्ज माफी की मांग।
गन्ने का मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल करने और विधवा पेंशन ₹5000 करने पर जोर।
बख्शी तालाब में सरकारी जमीनों, तालाबों और खलिहानों को कब्जा मुक्त कराने की अपील।
संवाददाता, लखनऊ
नव भारतीय किसान संगठन (आ०) ने सोमवार को किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और क्षेत्र के विकास से जुड़ी मांगों को लेकर लखनऊ के मण्डलायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल शुक्ला और लखनऊ जिला अध्यक्ष राजू रावत के नेतृत्व में सौंपे गए इस 10 सूत्रीय मांग पत्र में प्रशासन से तत्काल दखल देने और जमीनी स्तर पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
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अवैध कब्जों और तहसील प्रशासन की मिलीभगत का आरोप
सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने लखनऊ के बख्शी तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध कब्जों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। जिला अध्यक्ष राजू रावत ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन की कथित मिलीभगत से भू-माफियाओं द्वारा सरकारी जमीनों, तालाबों और खलिहानों पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और अवैध भू-खनन धड़ल्ले से जारी है।
ज्ञापन में कमलाबाद बढ़ौली, शाहपुर, पल्हरी, मुबारकपुर और परसऊ जैसे ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न गाटा संख्याओं का विशेष उल्लेख करते हुए इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है।
फैक्ट्री प्रदूषण और आवारा पशुओं से त्रस्त हैं किसान
संगठन ने पहाड़पुर कम्हरॉवा रोड पर स्थित पुरुषोत्तम राम फूड इण्डस्ट्रीज (प्रा०लि०) ग्लूकोस फैक्ट्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन के अनुसार, इस फैक्ट्री से होने वाले वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण के कारण स्थानीय ग्रामीणों में बीमारियां फैल रही हैं और आसपास की उपजाऊ भूमि बंजर हो रही है।

प्रदूषण अधिकारियों की कथित निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशुओं द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे भारी नुकसान और नागरिकों पर हो रहे हमलों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।
आर्थिक राहत और बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग
किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए संगठन ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें मण्डलायुक्त के समक्ष रखी हैं:

बिजली व कर्ज: ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और 400 यूनिट तक बिजली बिल पूरी तरह माफ हो। साथ ही, किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए।
फसल मूल्य व पेंशन: गन्ने का सरकारी खरीद मूल्य बढ़ाकर ₹600 प्रति क्विंटल किया जाए और सामाजिक सुरक्षा के तहत विधवा पेंशन की राशि ₹5000 प्रति माह की जाए।
महिला थाना: बख्शी तालाब में वर्तमान में एक छोटे से कमरे में संचालित हो रहे महिला थाने को अविलंब नए बने भवन में स्थानांतरित (शिफ्ट) किया जाए।
सब्जी मण्डी: छठे मील पर चरागाह की जमीन (गाटा संख्या 851क, 852ख) पर माफियाओं के कब्जे में चल रही निजी सब्जी मण्डी को खाली कराकर वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं।
मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग

ज्ञापन के अंत में नव भारतीय किसान संगठन ने माननीय मुख्यमंत्री से संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के लिए समय दिलाने का भी अनुरोध किया है, ताकि किसानों की इन समस्याओं को सीधे सरकार के समक्ष रखा जा सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इन जायज मांगों पर जल्द ही उचित प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई, तो किसान बड़े पैमाने पर आंदोलन के लिए विवश होंगे


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