दो दिन से सरकारी विद्यालय में घायल अवस्था में घूम रहा गाय का बछड़ा, माट साहब का नहीं गया ध्यान

बस्ती जिले के हर्रैया सरकार गौसेवा, शिक्षा और संवेदनशील प्रशासन के लाख दावे करे, लेकिन प्राथमिक विद्यालय मझौवा बाबू की यह तस्वीर उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।

Abhinav Shukla Picture
Published On

बस्ती। बस्ती जिले के हर्रैया सरकार गौसेवा, शिक्षा और संवेदनशील प्रशासन के लाख दावे करे, लेकिन प्राथमिक विद्यालय मझौवा बाबू की यह तस्वीर उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
 
विद्यालय के जिस कमरे में नौनिहालों को शिक्षा दी जानी चाहिए, उसी कमरे में दो दिन से घायल गौवंश का बछड़ा तड़पता और भटकता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में खून के निशान भी दिखाई दिए, लेकिन विद्यालय खुला होने के बावजूद भी माट साहब का ध्यान उस मूक प्राणी की ओर नहीं गया और उसके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई।
 
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इसी विद्यालय का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कक्षाओं में आवारा कुत्तों का घूमना और ब्लैकबोर्ड की लकड़ी जलाकर खाना बनाते हुए दृश्य सामने आए थे। उस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं दिखा।
 
अब एक बार फिर सामने आई यह तस्वीर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। क्या कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित है? क्या सरकारी दावों की हकीकत यही है
 
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा अधिकारी और पशुपालन विभाग से तत्काल घायल बछड़े का उपचार कराने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।जब शिक्षा के मंदिर में मानवता घायल हो जाए, तब सवाल सिर्फ एक विद्यालय का नहीं, पूरी व्यवस्था का होता है।"
 
 

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें