एक तरफ चलती रही LDA की कार्यशाला, दूसरी तरफ सील होते रहे कोचिंग संस्थान

कम्पार्टमेंट परीक्षाओं में अब मात्र 15 दिन शेष हैं। ऐसे में अनेक विद्यार्थियों का कहना है कि विशेषकर कमजोर छात्र ऑनलाइन माध्यम से गणित, विज्ञान और अन्य जटिल विषयों को प्रभावी ढंग से समझ नहीं पाते।

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लखनऊ।
 
एक ओर एलडीए द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन जारी रहा, वहीं दूसरी ओर शहर में कोचिंग संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई भी लगातार चलती रही। इस कार्रवाई से छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संचालकों के बीच असमंजस, चिंता और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। संचालकों का कहना है की ज्यादातर कोचिंग किराए की प्रॉपर्टी में चल रही हैं और जो एलडीए के मानक हैं उन्हें मकान मालिक पूरी करने की जगह कोचिंग वाली जगह खाली करने को बोलने लगे हैं ऐसे में जाएँ तो जाएँ कहाँ ।
 
कम्पार्टमेंट परीक्षाओं में अब मात्र 15 दिन शेष हैं। ऐसे में अनेक विद्यार्थियों का कहना है कि विशेषकर कमजोर छात्र ऑनलाइन माध्यम से गणित, विज्ञान और अन्य जटिल विषयों को प्रभावी ढंग से समझ नहीं पाते। उनका मानना है कि इस समय ऑफलाइन कक्षाओं का बाधित होना उनकी तैयारी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
 
कोचिंग संघ का कहना है कि लगातार हो रही कार्रवाई के कारण कई शिक्षक और संस्थान ख़त्म होने की कगार पर हैं उनका दावा है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और कोचिंग संस्थान का करियर पूरी तरह चौपट हो जाएगा । 
प्रशासन का पक्ष है कि शहर में संचालित संस्थानों को निर्धारित नियमों और भवन सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है, और कार्रवाई उन्हीं मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है परंतु उत्तर प्रदेश कोचिंग संघ के अध्यक्ष बादल चोपड़ा का कहना है ऐसे संस्थान जो अत्यंत छोटे हैं और उनके पास आवश्यक उपकरण हैं उन्हें बिना निरीक्षण , नोटिस दिए सील कर देना नियम विरुद्ध है इससे सम्पूर्ण समाज प्रभावित होता है।

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