जिम कॉर्बेट में गार्ड पर झपटा बाघ, साथी ने लाठी से वार कर बचाई जान
गश्त के दौरान अचानक पीतांबर पर टूट पड़ा बाघ, गर्दन पर काटकर दबोचा; रामनाथ की बहादुरी और समय पर मदद से टली अनहोनी
स्वतंत्र प्रभात।
रामनगर। उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में गश्त के दौरान एक वन रक्षक पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ ने गार्ड पीतांबर को दबोच लिया और उसके ऊपर बैठ गया। इस खतरनाक स्थिति में साथी वन रक्षक रामनाथ ने अदम्य साहस दिखाते हुए लाठी से बाघ पर लगातार वार किए। अचानक हुए हमले से बाघ पीतांबर को छोड़कर झाड़ियों में चला गया। साथी की सूझबूझ और समय पर मिली मदद से पीतांबर की जान बच गई।
यह घटना 20 जुलाई की बताई गई है। हमले के बाद से 28 वर्षीय पीतांबर उस खौफनाक मंजर को भुला नहीं पा रहा है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में वन्यजीवों की निगरानी और सुरक्षा के लिए नियमित गश्त की जाती है। इसी दौरान पीतांबर भी अपने साथियों के साथ जंगल में ड्यूटी कर रहा था।
गश्त के दौरान अचानक गायब हुआ साथी
पीतांबर के मुताबिक, वह उस दिन गश्त करने वाले दल का हिस्सा था। दल के सदस्य जंगल में आगे बढ़ रहे थे। इसी बीच साथी रामनाथ को एहसास हुआ कि पीतांबर उनके साथ नहीं है। जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो उनके होश उड़ गए। बाघ पीतांबर को दबोचे बैठा था।
स्थिति बेहद गंभीर थी। एक तरफ साथी की जान खतरे में थी, तो दूसरी ओर सामने खूंखार वन्यजीव मौजूद था। ऐसे समय में रामनाथ ने घबराने के बजाय अपने साथी को बचाने का फैसला किया।
लाठी से लगातार वार कर बाघ को भगाया
रामनाथ ने हाथ में मौजूद लाठी से बाघ पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। अचानक हुए हमले से बाघ पीछे हटने को मजबूर हुआ और पीतांबर को छोड़कर झाड़ियों में भाग गया। रामनाथ की इस हिम्मत ने पीतांबर को दूसरा जीवन दे दिया।
Read More हाथ पर कलश, अटूट आस्था; बिगड़ती सेहत पर डॉक्टरों की चिंता, व्रत तोड़ने को तैयार नहीं गुड्डी देवीबाघ के हटने के बाद रामनाथ ने घायल साथी को संभाला। उन्होंने पीतांबर से हाथ पकड़ने को कहा और उसे उठाने के साथ सुरक्षित स्थान पर ले जाने में मदद की। उस समय पीतांबर ने बताया कि बाघ ने उसे गर्दन के पास काटा है।
गहरा घाव नहीं होने से बची जान
गनीमत रही कि बाघ के हमले में पीतांबर को गहरा घाव नहीं आया। समय पर साथी की मदद मिलने से उसकी जान बच गई। जंगल में बाघ जैसे खतरनाक वन्यजीव का सामना करना बेहद जोखिम भरा होता है। ऐसे में रामनाथ की तत्परता और साहस ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
विशाल क्षेत्र में तैनात हैं सैकड़ों वन रक्षक
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क लगभग 1,300 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यहां बाघ, तेंदुए, हाथियों समेत कई वन्यजीव पाए जाते हैं। जंगल की निगरानी और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए करीब 700 वन रक्षक गश्त करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में दिहाड़ी पर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। उद्यान के कुल क्षेत्र में 500 वर्ग किलोमीटर से अधिक का मुख्य क्षेत्र भी शामिल है।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि जंगल में गश्त करने वाले कर्मचारियों को हर समय खतरे का सामना करना पड़ता है। वन्यजीवों की निगरानी के दौरान सतर्कता के साथ-साथ आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेना भी बेहद जरूरी है।


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