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मीका सिंह से अलग होने पर फूट-फूटकर रोए थे दलेर मेहंदी, फिर भी छोटे भाई के लिए उठाया बड़ा कदम
पाजी, मुझे अलग गाना है’ सुनकर टूट गए थे दलेर मेहंदी, पत्नी को फोन कर बयां किया था दर्द; रिश्तों में दूरी के बावजूद मीका की एल्बम रिकॉर्ड कराने से लेकर स्टूडियो का खर्च उठाने तक की जिम्मेदारी निभाई
मुंबई। पंजाबी संगीत जगत में अपनी दमदार आवाज और शानदार अंदाज से पहचान बनाने वाले मशहूर गायक दलेर मेहंदी और उनके छोटे भाई मीका सिंह का रिश्ता एक समय भावनात्मक मोड़ से गुजरा था। दोनों भाइयों ने संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई, लेकिन एक दौर ऐसा भी आया, जब मीका सिंह ने अपने बड़े भाई से अलग होकर गाने की इच्छा जाहिर की। मीका की इस बात ने दलेर मेहंदी को भीतर तक झकझोर दिया था। वह इतने भावुक हो गए कि अपनी पत्नी को फोन करके अपना दर्द साझा किया और फूट-फूटकर रो पड़े।
इस घटना का जिक्र करते हुए दलेर मेहंदी ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि परिवार के साथ संगीत का सफर उनके लिए बेहद खास था। ऐसे में छोटे भाई का अलग रास्ता चुनने का फैसला उनके लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था। हालांकि, रिश्ते में दूरी आने के बावजूद दलेर ने भाई के प्रति अपना प्यार और जिम्मेदारी निभाना नहीं छोड़ा।
‘पाजी, मुझे अलग गाना है’ सुनकर टूट गया था बड़े भाई का दिल
दलेर मेहंदी के मुताबिक, एक समय उनका पूरा परिवार साथ मिलकर गाता था। संगीत उनके परिवार को जोड़ने का एक बड़ा माध्यम था और मीका सिंह भी उनके साथ प्रस्तुति दिया करते थे। लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियां बदलीं और दोनों भाइयों ने अपने-अपने रास्ते पर आगे बढ़ना शुरू कर दिया।
दलेर ने बताया कि जब मीका सिंह ने उनसे कहा कि वह अलग गाना चाहते हैं, तो उन्हें इस बात का गहरा दुख हुआ। बड़े भाई के तौर पर उन्होंने शायद कभी नहीं सोचा था कि एक दिन छोटा भाई उनसे अलग होकर अपना संगीत करियर आगे बढ़ाने की बात करेगा।
इस फैसले से आहत दलेर मेहंदी ने अपनी पत्नी को फोन किया और अपनी भावनाएं साझा कीं। वह उस समय खुद को संभाल नहीं पाए और रोने लगे। उनके लिए यह केवल संगीत में अलग होने का मामला नहीं था, बल्कि उस पारिवारिक जुड़ाव से दूरी का एहसास भी था, जिसे उन्होंने लंबे समय तक संजोकर रखा था।
रिश्तों के बीच दूरी बढ़ाने वालों पर भी उठाए सवाल
दलेर मेहंदी ने अपने पुराने इंटरव्यू में यह भी दावा किया था कि कुछ लोगों ने दोनों भाइयों के बीच गलतफहमियां पैदा करने में भूमिका निभाई। उनके अनुसार, कुछ लोग सामने से अच्छे संबंध दिखाते थे, लेकिन उनके इरादे सही नहीं थे। ऐसे लोगों की वजह से रिश्तों में दूरियां बढ़ सकती हैं और अपनों के बीच विश्वास कमजोर पड़ सकता है।
Read More लता मंगेशकर की गायिकी पर अनमोल दस्तावेज बनी ‘गायिकी की गंगा’, चार महीने में बिक गया पहला संस्करणदलेर के मुताबिक, उन्हें बाद में पता चला कि किन लोगों ने दोनों भाइयों के बीच फूट डालने की कोशिश की थी। उन्होंने इस अनुभव के जरिए यह भी संकेत दिया कि व्यक्तिगत रिश्तों में बाहरी लोगों की भूमिका कभी-कभी परिस्थितियों को और जटिल बना सकती है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद दलेर मेहंदी ने अपने छोटे भाई के प्रति नाराजगी को रिश्ते पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने यह साबित किया कि परिवार में मतभेद होने के बावजूद अपनों के लिए खड़े रहना जरूरी है।
अलग होने के बाद भी मीका की एल्बम रिकॉर्ड कराने में की मदद
दलेर मेहंदी की कहानी का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि छोटे भाई के अलग रास्ता चुनने के बावजूद उन्होंने उसकी मदद करने से इनकार नहीं किया। उन्होंने बताया कि मीका सिंह की एल्बम रिकॉर्ड कराने में उन्होंने सहयोग दिया और स्टूडियो स्थापित करने का खर्च भी उठाया।
यह कदम उस समय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जब दोनों भाइयों के बीच भावनात्मक दूरी की बात सामने आ चुकी थी। दलेर चाहते तो अपने दुख के कारण मीका से दूरी बना सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने छोटे भाई को आगे बढ़ने का अवसर देने में मदद की और उसके संगीत सफर में अपना योगदान जारी रखा।
उनकी इस बात से यह भी पता चलता है कि किसी रिश्ते में असहमति होने का अर्थ यह नहीं कि एक-दूसरे की तरक्की के रास्ते बंद कर दिए जाएं। दलेर मेहंदी ने अपने व्यवहार से दिखाया कि व्यक्तिगत भावनाओं से ऊपर उठकर भी अपनों का साथ दिया जा सकता है।
आज भी मीका की आवाज सुनकर खुश होते हैं दलेर मेहंदी
दलेर मेहंदी ने अपने छोटे भाई के प्रति लगाव जाहिर करते हुए कहा था कि आज भी जब मीका सिंह गाते हैं, तो उन्हें अच्छा लगता है। मीका की सफलता और संगीत को लेकर उनकी भावनाएं आज भी जुड़ी हुई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार भाई को गाते देखकर वह भावुक हो जाते हैं।
दोनों भाइयों ने संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। मीका सिंह अपने ऊर्जावान अंदाज और लोकप्रिय गानों के लिए जाने जाते हैं, जबकि दलेर मेहंदी ने पंजाबी पॉप संगीत को व्यापक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। दोनों की गायकी का अंदाज अलग है, लेकिन संगीत से उनका जुड़ाव और पारिवारिक रिश्ता इस कहानी को खास बनाता है।
उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में प्रस्तुति को लेकर भी चर्चा में रहे दलेर
दलेर मेहंदी हाल ही में उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में अपनी प्रस्तुति को लेकर भी चर्चा में आए थे। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने उन पर लिप-सिंकिंग करने और शराब के नशे में होने के आरोप लगाए थे। इसके बाद उनकी प्रस्तुति रोक दिए जाने की खबर सामने आई। इस विवाद के बीच मीका सिंह सहित मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने दलेर मेहंदी का समर्थन किया।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दलेर मेहंदी को सुर्खियों में ला दिया। हालांकि, उनके जीवन से जुड़ा मीका सिंह वाला यह किस्सा संगीत की दुनिया के पीछे छिपे पारिवारिक भावनाओं के पहलू को सामने लाता है।
रिश्तों में मतभेद हों, फिर भी अपनों का साथ जरूरी
दलेर मेहंदी और मीका सिंह की यह कहानी बताती है कि परिवार में अलग विचार और अपने करियर को लेकर अलग फैसले होना स्वाभाविक है। लेकिन ऐसे समय में रिश्तों को किस तरह संभाला जाता है, यह सबसे ज्यादा मायने रखता है।
छोटे भाई के अलग होने की बात सुनकर भावुक हो जाने वाले दलेर मेहंदी ने बाद में उसकी एल्बम रिकॉर्ड कराने में मदद की और उसकी सफलता पर खुशी भी जताई। यही इस किस्से का सबसे अहम संदेश है कि सच्चे रिश्तों में नाराजगी हो सकती है, दूरियां भी आ सकती हैं, लेकिन अपनापन और सहयोग बना रहे तो रिश्ते की अहमियत कम नहीं होती।


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