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नवरात्रि की यादों में खोईं अभिनेत्री आस्था, बचपन में रोज जाती थीं मंदिर, मेले में करती थीं खरीदारी
कन्या पूजन को बताया बचपन की सबसे खास याद, दोस्तों के साथ मिलकर करती थीं पिज्जा पार्टी; बोलीं- आस्था, मेहनत और किस्मत तीनों की जिंदगी में अहम भूमिका
मुंबई। टेलीविजन की दुनिया में अपनी पहचान बना रहीं अभिनेत्री आस्था इन दिनों लोकप्रिय रोमांटिक शो 'दिलों की रामलीला' में नजर आ रही हैं। नवरात्रि के पावन पर्व के बीच अभिनेत्री ने अपने बचपन की उन यादों को साझा किया, जो आज भी उनके दिल के बेहद करीब हैं। मंदिर में दर्शन करने से लेकर मेले में घूमने और कन्या पूजन के बाद दोस्तों के साथ पार्टी करने तक, आस्था के लिए नवरात्रि सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि बचपन की खुशियों और अपनों के साथ बिताए खूबसूरत पलों की याद भी है।
बचपन में रोज सुबह मंदिर जाती थीं आस्था
अभिनेत्री आस्था ने स्वतंत्र प्रभात से साझा की गई बातचीत में बताया कि नवरात्रि का नाम सुनते ही उन्हें अपने बचपन के दिन याद आने लगते हैं। उस समय त्योहार का उत्साह कई दिनों पहले से ही शुरू हो जाता था। परिवार के साथ मंदिर जाना, देवी मां के दर्शन करना और आसपास लगने वाले मेले में घूमना उनकी दिनचर्या का खास हिस्सा हुआ करता था।
आस्था ने बताया कि शिमला में उनके घर के पास एक प्रसिद्ध काली मंदिर है। नवरात्रि के दौरान वह अपने परिवार के साथ नियमित रूप से मंदिर जाती थीं। मंदिर में दर्शन करने के बाद मेले में घूमना और वहां से छोटी-मोटी चीजें खरीदना उन्हें बेहद पसंद था। बचपन की ये साधारण-सी खुशियां आज भी उनकी यादों में ताजा हैं।
कन्या पूजन था त्योहार का सबसे खास हिस्सा
आस्था के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान होने वाले धार्मिक आयोजनों में कन्या पूजन उनके लिए सबसे खास हुआ करता था। इस अवसर पर वह अपने दोस्तों के साथ एक-दूसरे के घर जाती थीं और पूरे उत्साह के साथ पूजा में शामिल होती थीं। उनके लिए यह परंपरा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं थी, बल्कि दोस्तों के साथ मिलकर खुशियां बांटने का भी अवसर थी।
अभिनेत्री ने बताया कि कन्या पूजन में केवल लड़कियां ही शामिल नहीं होती थीं, बल्कि उनके भाई और दूसरे लड़के भी इस आयोजन का हिस्सा बनते थे। सभी बच्चे मिलकर त्योहार का आनंद लेते थे और पूजा के बाद मिलने वाले पैसों को इकट्ठा कर लेते थे।
कन्या पूजन के पैसों से होती थी पिज्जा पार्टी
बचपन की सबसे दिलचस्प यादों का जिक्र करते हुए आस्था ने बताया कि कन्या पूजन के दौरान मिलने वाले पैसों से वह और उनके दोस्त मिलकर पिज्जा पार्टी किया करते थे। सभी दोस्तों का एक साथ बैठना, पैसे इकट्ठा करना और फिर अपनी पसंद की चीजें खाना उनके लिए बेहद खास अनुभव था।
आज भले ही जिंदगी की व्यस्तताओं और पेशेवर जिम्मेदारियों के कारण बचपन जैसी आजादी कम मिलती हो, लेकिन आस्था के लिए नवरात्रि से जुड़ी ये यादें हमेशा अनमोल रहेंगी। उनके अनुसार, त्योहारों की असली खूबसूरती केवल पूजा-पाठ में नहीं, बल्कि उन पलों में भी होती है, जिन्हें हम अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर यादगार बनाते हैं।
घर से दूर रहकर भी सेट पर मनाती हैं त्योहार
अभिनेत्री ने यह भी बताया कि काम के सिलसिले में घर से दूर रहने के बावजूद वह त्योहारों की खुशियों से दूर नहीं रहतीं। टेलीविजन की दुनिया में कलाकार अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर विभिन्न त्योहारों को उत्साहपूर्वक मनाते हैं। आस्था के लिए यह एक ऐसा अवसर होता है, जब काम की व्यस्तता के बीच भी सभी को साथ आने और खुशियां साझा करने का मौका मिलता है।
उनका मानना है कि त्योहार लोगों को आपस में जोड़ते हैं और व्यस्त जीवन में भी अपनेपन का एहसास कराते हैं। यही वजह है कि वह अपने बचपन की परंपराओं और त्योहारों से जुड़े अनुभवों को आज भी खास महत्व देती हैं।
भगवान पर विश्वास, लेकिन मेहनत को भी मानती हैं जरूरी
बातचीत के दौरान आस्था ने आध्यात्मिकता और अपने पेशेवर जीवन के बीच संबंध पर भी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्हें भगवान पर विश्वास है और उनका मानना है कि जीवन में कोई शक्ति ऐसी होती है, जो व्यक्ति को सही दिशा दिखाने में मदद करती है। प्रार्थना के साथ-साथ वह अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने को भी महत्वपूर्ण मानती हैं।
हालांकि, आस्था का यह भी कहना है कि केवल भगवान पर भरोसा कर लेने से सफलता नहीं मिलती। अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत करना बेहद जरूरी है। भगवान मार्गदर्शन कर सकते हैं, लेकिन आगे बढ़ने के लिए व्यक्ति को स्वयं प्रयास करना पड़ता है।
सफलता में मेहनत, किस्मत और आस्था का संगम
आस्था ने अपनी बात रखते हुए किस्मत की भूमिका को भी स्वीकार किया। उनके अनुसार, जिंदगी में सफलता पाने के लिए मेहनत के साथ सही अवसर और भाग्य भी मायने रखते हैं। वह मानती हैं कि किसी भी व्यक्ति की यात्रा में इन तीनों का अपना महत्व होता है।
अभिनेत्री की ये बातें उनके जीवन के प्रति सकारात्मक नजरिए को दर्शाती हैं। नवरात्रि से जुड़ी बचपन की यादें हों या पेशेवर जीवन में आगे बढ़ने का अनुभव, आस्था के लिए विश्वास, परिश्रम और खुशियों को साझा करना बेहद महत्वपूर्ण है। यही संदेश उनकी बातों को खास बनाता है कि जीवन में आस्था रास्ता दिखाती है, मेहनत मंजिल तक पहुंचने में मदद करती है और किस्मत कई बार नए अवसरों के दरवाजे खोल देती है।


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