कुशीनगर : जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
कुशीनगर। जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में कल सायंकाल कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला मिशन प्रबंधक (डीसी एनआरएलएम) सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा दौरान जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लाभार्थियों के भुगतान में तेजी लाने तथा संस्थागत प्रसव का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव की प्रगति कम पाई गई है, वहां संबंधित आशा एवं एएनएम के साथ बैठक कर उनके कार्यों की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित आशा एवं एएनएम के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय एवं अन्य देयकों का भुगतान समय से सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मातृ मृत्यु एवं बाल मृत्यु के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को विशेष समिति गठित कर प्रत्येक मामले की गहन जांच कराने तथा मृत्यु के कारणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
रूटीन इम्यूनाइजेशन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक टीकों की पर्याप्त उपलब्धता समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने एमआर टीकाकरण की प्रगति की भी समीक्षा की।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत टीबी मरीजों की नियमित निगरानी एवं ट्रैकिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान चलाकर समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, बड़े व्यवसायियों, पेट्रोल पंप संचालकों, ठेकेदारों एवं अन्य सक्षम लोगों को टीबी मरीजों को गोद लेने और उन्हें पोषण पोटली उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि मरीजों को उपचार के साथ आवश्यक पोषण संबंधी सहयोग भी मिल सके।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत पुरुष एवं महिला नसबंदी, एसएनसीयू में नवजात शिशुओं की भर्ती, मंत्रा ऐप पर शत-प्रतिशत डाटा एंट्री तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष साफ-सफाई कराने, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने तथा झाड़ियों की कटाई-छंटाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम तथा आवश्यकतानुसार सैनिटाइजेशन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि संचारी रोगों के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। बैठक में आयुष एवं होम्योपैथिक विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करें। स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


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