यस बैंक के शेयरों में भूचाल, दो दिन में 17% से ज्यादा की गिरावट

सुप्रीम कोर्ट के एटी-1 बॉन्ड फैसले से निवेशकों में चिंता, बैंक के कोर कैपिटल अनुपात में 250 आधार अंक तक गिरावट का अनुमान

हर्षिता यादव  Picture
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नई दिल्ली। यस बैंक के शेयरों में सुप्रीम कोर्ट के एटी-1 बॉन्ड से जुड़े फैसले के बाद भारी गिरावट दर्ज की गई है। दो कारोबारी दिनों में बैंक का शेयर 17 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। 16 अक्टूबर को शेयर 3.42 प्रतिशत गिरकर 17.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स का मानना है कि इस फैसले से बैंक की क्रेडिट रेटिंग पर तत्काल असर पड़ने की आशंका नहीं है।

कोर कैपिटल पर पड़ सकता है असर

यस बैंक के मुताबिक, पहले राइट-ऑफ किए गए 8,415 करोड़ रुपये के एटी-1 बॉन्ड दोबारा बहाल होने से उसके कोर कैपिटल अनुपात में करीब 250 आधार अंक की कमी आ सकती है। इसके बावजूद बैंक का टियर-1 कैपिटल अनुपात अनुमानित आधार पर 14 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के अनुसार, मार्च 2026 के अंत में बैंक का कॉमन इक्विटी टियर-1 (सीईटी-1) अनुपात 13.87 प्रतिशत था। अनुमानित गिरावट के बाद भी यह नियामकीय न्यूनतम सीमा से ऊपर रहने की संभावना है। हालांकि, फैसले का बैंक की भविष्य की कमाई पर दबाव पड़ सकता है।

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सुप्रीम कोर्ट ने क्यों रद्द किया बॉन्ड राइट-ऑफ?

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सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में यस बैंक के पुनर्गठन के दौरान 8,415 करोड़ रुपये के एटी-1 बॉन्ड को पूरी तरह खत्म करने के फैसले को रद्द कर दिया था। अदालत के अनुसार, पुनर्गठन योजना में बॉन्ड राइट-ऑफ का स्पष्ट प्रावधान नहीं था, इसलिए बैंक के प्रशासक को इन्हें समाप्त करने का अधिकार नहीं था।

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एटी-1 बॉन्ड बैंकों के लिए पूंजी जुटाने का एक माध्यम हैं। बैंक पर गंभीर वित्तीय संकट आने की स्थिति में इन बॉन्ड में निवेश करने वालों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन बॉन्ड की बहाली से यस बैंक की पूंजी स्थिति और भविष्य की कमाई पर पड़ने वाले प्रभाव पर निवेशकों की नजर रहेगी।

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