मंदिर में दो सेवादारों की बेरहमी से हत्या, शव जलाए

कब्जे के विवाद में खूनी खेल का आरोप, गांव में तनाव; पुलिस का डेरा, तीन टीमें तलाश में जुटीं

हर्षिता यादव  Picture
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तिलहर-शाहजहांपुर। खुदागंज थाना क्षेत्र में सूथा गांव के प्राचीन मंदिर परिसर में दो सेवादारों की हत्या कर शवों को जलाए जाने की सनसनीखेज वारदात से गुरुवार सुबह पूरा इलाका दहल उठा। मंदिर परिसर से उठते धुएं के बीच जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां दोनों सेवादारों के अधजले शवों के अवशेष देखकर उनके होश उड़ गए। देखते ही देखते गांव में भीड़ जुट गई और घटना को लेकर भारी आक्रोश फैल गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
 
मृतकों की पहचान शाहजहांपुर के अजीजगंज निवासी गोपाल दास और सूथा गांव निवासी बाबा बिहारी दास के रूप में हुई। गोपाल दास कई वर्षों से मंदिर परिसर में रहकर सेवा कर रहे थे। बाबा बिहारी दास गांव के ही दूसरे मंदिर में सेवादार थे, लेकिन करीब एक महीने से वह भी गोपाल दास के साथ इसी मंदिर परिसर में रहने लगे थे।
 
मंदिर पर कब्जे को लेकर पहले से चल रहा था विवाद-
पुलिस की प्रारंभिक जांच में मंदिर की जमीन और संपत्ति पर कब्जे को लेकर विवाद सामने आया है। गांव के ही सुमित सिंह का दोनों सेवादारों के पास आना-जाना था। करीब एक महीने पहले जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद सुमित इसी मंदिर परिसर में रहना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों सेवादारों से उसका कई बार विवाद हो चुका था। बुधवार रात भी मंदिर पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी होने की बात सामने आई है।
 
इसके बाद रात में मंदिर परिसर में क्या हुआ, इसकी गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुटी है। सुबह मंदिर से धुआं उठता देखकर ग्रामीण पहुंचे तो दो सेवादारों की हत्या और शव जलाए जाने की भयावह घटना सामने आई।
 
वारदात के बाद गांव में फूटा आक्रोश-
दो लोगों की हत्या के बाद ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। एसपी सौरभ दीक्षित और एसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे समेत पुलिस के आला अधिकारी गांव में कैंप कर रहे हैं।
 
राख में सुराग तलाश रही फॉरेंसिक टीम-
वारदात की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। टीमों ने मंदिर परिसर और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। शवों को जलाने के पीछे क्या मंशा थी और वारदात में कितने लोग शामिल थे, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
 
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद से सुमित सिंह फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। ग्रामीणों ने सुमित पर आपराधिक और नशेड़ी प्रवृत्ति का होने का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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