असम के शिलचर में मुख्यमंत्री के काफिले के लिए रोकी गई एंबुलेंस में जा रहे मरीज की मौत
निधन की खबर से भांगा में शोक, विधायक जकारिया अहमद पन्ना ने परिजनों से मुलाकात कर जताई संवेदना और सरकार से आर्थिक सहायता का आश्वासन
श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात:
जिंदगी का सफर कब और किस पल थम जाए, यह कोई नहीं जानता। गत बुधवार, 30 सितंबर को असम के शिलचर में असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के काफिले की आवाजाही के दौरान एक एंबुलेंस को रोके जाने की घटना सामने आई थी। इसी एंबुलेंस से इलाज के लिए शिलचर ले जाए जा रहे श्रीभूमि जिले के भांगा निवासी रसराज चक्रवर्ती उर्फ (रिंटू ठाकुर) का गुरुवार,1अक्टूबर को शिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में निधन हो गया।
जानकारी के अनुसार, रसराज चक्रवर्ती लंबे समय से लीवर संबंधी बीमारी से पीड़ित थे और उन्हें इलाज के लिए एंबुलेंस से शिलचर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान मुख्यमंत्री के काफिले को रास्ता देने के लिए एंबुलेंस को कुछ समय के लिए रोके जाने की बात सामने आई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया।
एंबुलेंस रोके जाने की घटना के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मरीज और उसके परिवार से माफी मांगी तथा मामले की जांच के निर्देश दिए थे। हालांकि, रसराज चक्रवर्ती की मृत्यु और एंबुलेंस रोके जाने के बीच प्रत्यक्ष चिकित्सकीय संबंध की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री ने एंबुलेंस रोके जाने की घटना को अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि आपात चिकित्सा की जरूरत वाले मरीज की तुलना में मुख्यमंत्री के काफिले की आवाजाही को प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
घटना के सिलसिले में चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। साथ ही मामले में विभागीय जांच भी शुरू की गई है। इधर, रसराज चक्रवर्ती के निधन की खबर फैलते ही श्रीभूमि जिले के भांगा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों के बीच गहरा शोक व्याप्त है। निधन की खबर मिलने पर उत्तर करिमगंज के विधायक जकारिया अहमद पन्ना भांगा श्मशान कालीबाड़ी पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग और सरकार से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
विधायक ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से रसराज चक्रवर्ती के परिवार के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सरकारी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की। इस घटना पर क्षेत्र के लोगों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। स्थानीय लोगों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री से शोकाकुल परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए विशेष सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है। लोगों का कहना है कि रसराज चक्रवर्ती के निधन के बाद परिवार, विशेषकर उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और भविष्य को लेकर आर्थिक कठिनाइयां बढ़ सकती हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार से परिवार के बच्चों की शिक्षा सहित आवश्यक सहायता पर विशेष ध्यान देने की अपील की है, ताकि इस कठिन समय में परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। साथ ही, मुख्यमंत्री से परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए किसी सदस्य को रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने पर भी विचार करने का आग्रह किया गया है, ताकि परिवार को दीर्घकालिक आर्थिक सहारा मिल सके। घटना के बाद मुख्यमंत्री के काफिले की आवाजाही के दौरान एंबुलेंस सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध रास्ता उपलब्ध कराने को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस की आवाजाही बाधित न हो, इस दिशा में प्रशासनिक स्तर पर विशेष सतर्कता की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी यह स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री के काफिले की आवाजाही के कारण एंबुलेंस या अन्य आपातकालीन सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।
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