हाईकोर्ट ने हाथरस पीड़िता के परिवार को दूसरी जगह बसाने में 'बेवजह रुकावट' डालने पर यूपी सरकार को फटकार लगाई

कोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार उसके पहले के निर्देशों का पालन करने में "बेवजह रुकावट" डाल रही थी। 

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।
 
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह हाथरस गैंगरेप और हत्या की पीड़िता के परिवार को 3 महीने के भीतर गाजियाबाद या नोएडा में बसाए और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करे। कोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार उसके पहले के निर्देशों का पालन करने में "बेवजह रुकावट" डाल रही थी। 
 
जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की बेंच ने कहा कि 22 फरवरी 2025 को राज्य सरकार का जो फैसला आया था, जिसमें परिवार को कासगंज, एटा या अलीगढ़ में बसाने की पेशकश की गई, उसमें गाजियाबाद या नोएडा में बसाने की उनकी मांग पर विचार नहीं किया गया। इसलिए "कानून की नज़र में यह कोई फैसला नहीं था"।
 
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अनुपालन हलफनामा (Compliance Affidavit) दाखिल करें और चेतावनी दी कि अगर निर्देश का पालन नहीं किया गया तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।  ये निर्देश हाईकोर्ट द्वारा 2020 में हाथरस रेप और अंतिम संस्कार की घटना के बाद सम्मानजनक अंतिम संस्कार के अधिकार से जुड़े मामले में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेकर शुरू की गई कार्यवाही के तहत दिए गए।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें