तहसीलदार अकबरपुर सहित सात पर डकैती व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज 

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अंबेडकरनगर

दुकान का ताला तोड़कर सामान उठा लेजाने और जबरन कब्जा करने के मामले में अकबरपुर तहसीलदार सहित सात लोगों के विरुद्ध पुलिस ने डकैती, धमकी, गाली गलौज समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर कार्यवाही करते हुए मुकदमा दर्ज किया है।

बताते चलें कि मामला यह है कि अरिया निवासी सैयद सोएब रिजवी ने सात दिसंबर 2020 को शहजादपुर के सिझौली में एक मकान रमेश से 24.50 लाख रुपये में खरीदा था। इसमें फर्नीचर की दुकान खोलकर वह व्यापार कर रहे थे। आरोप है कि मकान को लेकर शहजादपुर के संघतिया मुहल्ले के अरुण कुमार से विवाद चल रहा था। उपजिलाधिकारी अकबरपुर की रिपोर्ट में भी विवाद को सिविल प्रकृति का बताया गया था और प्रशासनिक स्तर पर कब्जा परिवर्तन नहीं करने की बात कही गई थी। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद भी गत 20 फरवरी को विपक्षी अरुण कुमार तहसीलदार संतोष कुमार को लेकर मौके पर पहुंचे। उनके साथ सुरक्षाकर्मी व चार-पांच व्यक्ति अज्ञात थे। इनकी मौजूदगी में दुकान का ताला तोड़कर कीमती सामान उठा ले जाया गया व बाकी सारा सामान बाहर फेंककर फर्नीचर को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। विपक्षी ने दुकान में अपना ताला लगाकर टिनशेड डालकर कब्जा कर लिया। पीड़ित ने विरोध किया तो तहसीलदार ने गाली देते हुए कहा भाग जाओ नहीं तो फर्जी मुकदमे में जेल भेज दूंगा। पीड़ित ने कोतवाली में और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया। कार्रवाई नहीं होने पर अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार की। अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि सिविल विवाद में प्रशासनिक अधिकारी किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से बलपूर्वक बेदखल नहीं कर सकते। उपलब्ध तथ्यों से प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक अकबरपुर को उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार विवेचनाका आदेश दिया था। जिस पर अकबरपुर कोतवाली पुलिस ने न्यायालय के आदेश के अनुपालन में डकैती, समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दिया है।

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