प्रधान के गुर्गे ने गंगा राम पर किया हमला, मुकदमा दर्ज

गंभीर हालत मे जिला अस्पताल मे अपना इलाज करवा रहा है। लेकिन ये बात झूठी निकली

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बस्ती। बस्ती जिले के मुण्डेरवां थाना क्षेत्र के बेहिल गांव निवासी गंगाराम यादव की तहरीर पर पुलिस ने इसी गांव के दिलीप पुत्र चौथी एवं चौथी पुत्र भोदई के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 352, 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोंप है कि 14 अगस्त को दिन मे बीडीओ गांव मे जांच करने पहुंचे थे, जो प्रधान राधेश्याम, चौथी व उनके बेटे दिलीप के खिलाफ थ
जांच के दौरान खुद को फंसता देख दिलीप ने सभी के सामने गंगाराम को भद्दी गालियां और धमकी दी। घटना करीब 4.30 बजे की है।
 
उसी दिन महादेवा से शाम को 7.00 बजे गंगाराम चश्मा बनवाकर लौट रहा था, तो गांव के निकट डिहवा पर दिलीप ने साइकिल से मोबाइल पर बात करते आ रहे गंगाराम को रूकने को बोला, गंगाराम गांव का आदमी समझकर रूक गया। जैसे ही गंगाराम साइकिल पर बैठे बैठे मोबाइल अपनी जेब मे डालने के लिये झुका, दिलीप ने मुक्के से उनकी आंख पर हमला कर दिया और अपने घर की ओर भाग गया। इस दौरान प्रधान के इशारे पर कुछ लोग वीडियो बना रहे थे। भौगोलिक संदर्भ मकसद था कि गंगाराम हमले के बाद दिलीप का पीछा करते हुये उसके घर की ओर बढ़ेंगा तो एससीएसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे तबाह कर देंगे।
 
गंगाराम इस चालाकी को समझ गया और बर्दाश्त करके घर चला गया। उसी दिन मुण्डेरवां थाने पर जाकर तहरीर दिया। दरोगा ने जांच पड़ताल के बाद 19 अगस्त को मुकदमा दर्ज किया। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की। पता चला है कि उल्टे गंगाराम के ऊपर मुकदमा दर्ज करवाने के लिये आरोपियों ने पुलिस को झूठी तहरीर दिया था। बताया गया था कि दिलीप पर गंगाराम ने हमला किया है जिससे वह गंभीर हालत मे जिला अस्पताल मे अपना इलाज करवा रहा है। लेकिन ये बात झूठी निकली।
 
प्रधान से रंजिश
गंगाराम यादव ने गांव के भ्रष्टाचार को लेकर कई बार शिकायत की है। जांच मे प्रधान राधेश्याम दोषी पाये गये हैं, यहां तक कि रिकवरी आदेश तक हुये हैं। गंगाराम नें चौथी के परिवार को 100 दिनों से ज्यादा रोंजगार देने का आरोप लगाते हुये शिकायत किया था। बीडीओ 14 अगस्त को इसी मामले की जांच करने पहुंचे थे। हालांकि निवेदन किया गया था कि पुलिस बल के साथ जांच करने आयें। लेकिन बीडीओ अकेले पहुंच गये और बवाल हो गया। यह बीडीओ की चूक थी। गांव का प्रधान इतना शातिर है कि उसने चौथी के इकलौते बेटे की शादी के दिन भी मनरेगा मे परिवार की हाजिरी लगवाई थी। हैरानी इस बात की है कि प्रधान के सामने पूरा सिस्टम नतमस्तक है, उसका आज तक बांल बांका नही हुआ।

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