असम के बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी पीठ की मांग तेज

सांसद सुष्मिता देव ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को लिखा पत्र

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श्रीभूमि : असम की बराक घाटी में गुवाहाटी उच्च न्यायालय की स्थायी पीठ स्थापित करने की मांग को लेकर राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल को पत्र लिखकर इस दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह बराक घाटी के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग है और इसे न्याय तक समान एवं सुगम पहुंच के व्यापक हित में गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
 
सांसद सुष्मिता देव ने अपने पत्र में कहा कि बराक घाटी में उच्च न्यायालय की स्थायी पीठ की मांग किसी एक वर्ग या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय तक समान पहुंच, प्रशासनिक सुविधा और संतुलित क्षेत्रीय विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि दशकों से इस क्षेत्र के वादकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को उच्च न्यायालय की कार्यवाही के लिए गुवाहाटी की लंबी यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
 
उन्होंने केंद्रीय मंत्री का ध्यान बराक घाटी की भौगोलिक दूरी और कमजोर संपर्क व्यवस्था की ओर भी दिलाया। उनके अनुसार, काछार, हैलाकांडी, श्रीभूमि और दीमा हसाओ के लोगों को गुवाहाटी स्थित उच्च न्यायालय तक पहुंचने में कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़क एवं रेल संपर्क में व्यवधान, विशेषकर मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन जैसी परिस्थितियां, इस समस्या को और गंभीर बना देती हैं। सुष्मिता देव ने कहा कि इन परिस्थितियों का सीधा प्रभाव उन लोगों पर पड़ता है जिन्हें अपने मामलों की सुनवाई के लिए बार-बार गुवाहाटी जाना पड़ता है।
 
लंबी दूरी की यात्रा और संपर्क संबंधी बाधाओं के कारण वादकारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है तथा न्यायिक कार्यवाही में भी व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं। सांसद ने अपने पत्र में बराक घाटी में पिछले वर्षों के दौरान हुए जनसांख्यिकीय, आर्थिक और संस्थागत विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए मिनी सचिवालय की स्थापना तथा बराक वैली डेवलपमेंट डिपार्टमेंट का गठन किया गया है। ऐसे में न्यायिक संस्थाओं तक पहुंच को भी क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत किया जाना आवश्यक है।
 
उन्होंने कहा कि बराक घाटी में उच्च न्यायालय की स्थायी पीठ की स्थापना पर वर्तमान परिस्थितियों और क्षेत्र की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से वस्तुनिष्ठ विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। यह कदम न केवल न्याय तक पहुंच को आसान बनाएगा, बल्कि क्षेत्र में संवैधानिक शासन और प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को भी मजबूत करेगा।
 
सांसद सुष्मिता देव ने केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री से आग्रह किया कि बराक घाटी में उपयुक्त स्थान पर गुवाहाटी उच्च न्यायालय की स्थायी पीठ स्थापित करने के प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई और संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि स्थायी पीठ की स्थापना से बराक घाटी के लोगों को न्याय प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय करने की मजबूरी कम होगी और वादकारियों, अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों के लिए न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुलभ एवं सुविधाजनक बन सकेगी। सांसद ने अपने पत्र की प्रति असम के मुख्यमंत्री को भी सूचना एवं आवश्यक सहयोग के लिए भेजी है।

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