नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
मंदिर परिसर में दानपात्र काटकर दानराशि चोरी, ग्रामीणों में आक्रोश
सुखईपुर में देर रात अज्ञात चोरों ने दिया वारदात को अंजाम, CCTV फुटेज पुलिस के कब्जे में; दो-तीन आरोपियों के शामिल होने की आशंका
लखनऊ / सुखईपुर -अम्बेडकरनगर-अजय यादव
महरुआ थाना क्षेत्र के सुखईपुर गांव में स्थित मंदिर परिसर में अज्ञात चोरों ने लोहे के दानपात्र को काटकर उसमें रखी दानराशि चोरी कर ली। धार्मिक स्थल पर हुई चोरी की इस घटना से ग्रामीणों और मंदिर से जुड़े लोगों में भारी आक्रोश है। घटना के बाद शिव काली जागरण समिति ने महरुआ थाने में लिखित तहरीर देकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और घटना का शीघ्र खुलासा किए जाने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, शिव काली जागरण समिति द्वारा सुखईपुर स्थित मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक गतिविधियों के लिए लोहे का दानपात्र स्थापित किया गया था। बताया गया है कि 9 अगस्त 2026 की रात अज्ञात चोर मंदिर परिसर में पहुंचे और दानपात्र को काटकर उसमें रखी दानराशि लेकर फरार हो गए। चोरों ने जिस तरीके से दानपात्र को काटा, उससे आशंका जताई जा रही है कि वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।
.jpeg)
सुबह हुई घटना की जानकारी
मंदिर परिसर में चोरी की घटना का पता 10 अगस्त की सुबह करीब सात बजे ग्रामीणों को चला। दानपात्र को क्षतिग्रस्त हालत में देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना पुलिस सहायता नंबर 112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने मंदिर परिसर के आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की है। CCTV फुटेज में संदिग्ध लोगों की गतिविधियां सामने आने की स्थिति में पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
Read More पराग डेयरी के नव नियुक्त प्रबंध निदेशक प्रकाश बिन्दु ने बीएमसी व प्रसंस्करण प्लांट का किया निरीक्षण.jpeg)
मंदिर के आसपास मिले सिक्के, जांच में अहम सुराग की उम्मीद
घटना के बाद मंदिर परिसर के समीप एक घर के पास कुछ सिक्के भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। समिति और ग्रामीणों का मानना है कि ये सिक्के चोरी की गई दानराशि से संबंधित हो सकते हैं। हालांकि, इन सिक्कों का घटना से वास्तविक संबंध जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मौके से मिले सिक्कों और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ CCTV फुटेज की जांच को घटना के खुलासे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस आसपास के सभी उपलब्ध CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग को खंगाले, ताकि संदिग्धों के आने-जाने के रास्ते और उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
दो से तीन लोगों के शामिल होने की आशंका
घटना के तरीके और उपलब्ध परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया चोरी की वारदात में दो से तीन लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आरोपियों की संख्या और उनकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर परिसर में दानपात्र को काटकर चोरी किए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में पहले भी छोटी-बड़ी चोरी की घटनाएं होने की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है। ऐसे में धार्मिक स्थल में हुई चोरी के बाद लोगों में अपने घरों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
धार्मिक स्थल में चोरी से लोगों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर परिसर लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे स्थान पर दानपात्र काटकर दानराशि चोरी किए जाने से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। लोगों ने पुलिस से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिव काली जागरण समिति ने महरुआ थाने में दी गई तहरीर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, CCTV फुटेज की जांच करने, मौके से मिले सिक्कों एवं अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल करने तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
समिति ने इसके साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस जांच पर टिकी ग्रामीणों की नजर
फिलहाल घटना के बाद पुलिस द्वारा CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि CCTV रिकॉर्डिंग और मौके से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस जल्द आरोपियों तक पहुंचेगी और चोरी की घटना का खुलासा करेगी। शिकायती पत्र की कॉपी थानाध्यक्ष महरुआ को प्रेषित कर दी गयी है साथ ही मूल कॉपी स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दी गयी है।
अब देखना यह है कि पुलिस जांच में CCTV फुटेज से क्या अहम सुराग सामने आते हैं और मंदिर परिसर में हुई इस चोरी की वारदात में शामिल आरोपियों तक पुलिस कितनी जल्दी पहुंच पाती है।


Comments