6 वर्षों से मरम्मत के इंतजार में दर्जनों गांवों को जोड़ने व गन्ना क्रय केंद्र तक जाने वाली  सड़क जर्जर

सड़क बनी मुसीबत, 5-6 वर्षों से मरम्मत का इंतजार; बारिश में पैदल चलना भी दूभर जिम्मेदार अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र की जर्जर सड़कों पर ध्यान देने की जरूरत है

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बस्ती। बस्ती जिले के ग्रामीण क्षेत्र की कुछ सडके जर्जर हो गई हैं जगह-जगह गढ्ढे में पानी भर गया है ग्रामीणों को आने-जाने में हो रही है भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है जनप्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्र की सड़क पर ध्यान नहीं दे रहे हैं पिछले 10 वर्षों से सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई है जिसके कारण गड्ढे में तब्दील हो गई है विश्वास सूत्रों से पता चला की हर तीसरे साल सड़कों की मरम्मत में लाखों रुपए खर्च हो जा रहे हैं जबकि धरातल पर सच्चाई कुछ और बयां कर रही है जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरण की नींद में सो रहे हैं
 
ताजा मामलाकलवारी थाना क्षेत्र के चकदहा से तुरकौलिया, मनौआ सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले राम-जानकी मार्ग पर स्थित बदहाल सड़क स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। हल्की बारिश होते ही सड़क कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालक और साइकिल सवार अक्सर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, जबकि राहगीरों का बिना कीचड़ से सने इस रास्ते से निकल पाना लगभग असंभव हो गया है।
 
स्थानीय लोगों के अनुसार यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है। गन्ना पेराई सत्र शुरू होने पर इसी मार्ग से बड़ी संख्या में गन्ने से लदे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां चीनी मिलों की ओर जाती हैं। सड़क से करीब 500 मीटर आगे गन्ने की तौल के लिए कांटा भी स्थित है, जिससे भारी वाहनों का आवागमन लगातार बना रहता है। ऐसे में जर्जर सड़क और जलभराव के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। आसपास के ग्रामीण इसी चिंता में रहते हैं कि कहीं कोई गंभीर दुर्घटना न हो जाए।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार विधायक, सांसद और संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गईं तथा मौखिक रूप से भी अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि पहले जो सड़क बनी हुई थी, उसे भी नई सड़क निर्माण के नाम पर ठेकेदार ने उखाड़ दिया। बाद में यह कहकर पल्ला झाड़ लिया गया कि इस हिस्से की सड़क स्वीकृत नहीं थी और दूसरी सड़क स्वीकृत होने के कारण गलती से इसे उखाड़ दिया गया।
 
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पिछले पांच से छह वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ी है। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं। लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार इस मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।तुरकौलिया के पूर्व ग्राम प्रधान सूर्य प्रकाश उर्फ पिंटू का ने बताया कि सड़क की मरम्मत को लेकर उन्होंने कई बार सांसद, विधायक और जिलाधिकारी तक से मौखिक तथा लिखित रूप से कहा लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई |
 
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए सड़क जीवन रेखा है जिससे होकर रोजाना हजारों की तादाद में स्कूली बच्चे तथा अन्य लोग पैदल से लेकर चार पहिया वाहन से आया -जाया करते हैं, गन्ना क्रय केंद्र का कांटा होने की वजह से बड़े ट्रक भी आते हैं जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं |क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से राम-जानकी मार्ग की तत्काल मरम्मत कराकर आवागमन सुचारु करने तथा संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

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