कवरेज की आड़ में महिला कर्मी से कथित अभद्रता! अमर उजाला के कथित पत्रकार पर गंभीर आरोप
पहले भी अमर उजाला के कथित पत्रकारों पर लग चुके हैं गंभीर आरोप, संस्थान की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
लखनऊ।
राजधानी लखनऊ के मध्य जोन स्थित हुसैनगंज के 1912 कार्यालय, जहां अधीक्षण अभियंता (कमर्शियल) का कार्यालय भी संचालित होता है, में एक महिला हेल्प डेस्क कर्मी के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आया है। घटना को लेकर विभागीय कर्मचारियों में चर्चा और नाराजगी का माहौल बताया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, लोड वृद्धि (लोड बढ़ाने) से संबंधित खबर के सिलसिले में एक व्यक्ति कार्यालय पहुंचा। आरोप है कि उसने महिला कर्मी का मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। महिला कर्मी द्वारा इसका विरोध किए जाने पर उसके चरित्र को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिससे विवाद बढ़ गया।
सूत्रों के अनुसार, विवाद के दौरान अमर उजाला के एक कथित सेवानिवृत्त वरिष्ठ पत्रकार, जो वर्तमान में ऊर्जा विभाग से जुड़े कार्यों के लिए संविदा के माध्यम से अमर उजाला से संबद्ध बताए जाते हैं, मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने महिला कर्मी की बात सुनने के बजाय उसे ही फटकार लगाई तथा विभाग में नहीं रहने देने जैसी कथित धमकी दी।

Read More उच्च न्यायालय का बड़ा आदेश: पुलिस एसआई भर्ती में विवादित ऊंचाई मापी जाएगी, वीडियोग्राफी अनिवार्यप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय अधीक्षण अभियंता (कमर्शियल) मुकेश त्यागी तथा अधिशासी अभियंता (बिलिंग) एस.के. साहू कार्यालय में मौजूद थे। आरोप है कि विवाद के दौरान किसी अधिकारी ने महिला कर्मी का पक्ष लेकर तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया। कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद संबंधित पत्रकार को सम्मानपूर्वक बैठाकर चाय पिलाई गई, जिससे कार्यालय के कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त हो गया।
बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला कर्मी के पिता का कुछ समय पहले ही निधन हुआ था। परिवार पहले से शोक की स्थिति में था और इस घटना के बाद महिला मानसिक रूप से और अधिक आहत हुई। सामाजिक संवेदनशीलता और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए महिला की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि किसी पत्रकार को लोड वृद्धि अथवा विभागीय कार्यप्रणाली से संबंधित जानकारी चाहिए थी, तो वह संबंधित सक्षम अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर सकता था। ऐसे में एक संविदा महिला कर्मी का वीडियो बनाने तथा विरोध करने पर उसके साथ कथित अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप पत्रकारिता की मर्यादा और कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा को लेकर गंभीर प्रश्न उठाते हैं।
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता (कमर्शियल) मुकेश त्यागी से बातचीत करने पर उन्होंने घटना पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि भविष्य में कार्यालय परिसर में पत्रकारों के लिए आचार-संबंधी दिशा-निर्देश (गाइडलाइन) जारी किए जाएंगे, ताकि विभाग में कार्यरत कर्मचारियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों, को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी अमर उजाला से जुड़े कुछ कथित पत्रकारों पर विभिन्न प्रकार के आरोप लग चुके हैं। हालांकि, इस प्रकरण में भी समाचार प्रकाशित किए जाने तक अमर उजाला की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मध्य जोन के इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होती है या नहीं। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों तथा मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है, यह आने वाला समय तय करेगा।
(यदि अमर उजाला या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होती है, तो उसे समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।)


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