वैदिक अनुष्ठान एवं मंगलकामना के साथ शैक्षणिक सत्र 2026 - 27 का शुभारंभ

विश्वविद्यालय परिवार के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि एवं शैक्षणिक उन्नति की मंगलकामना की

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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में ग्रीष्मावकाश के उपरांत मंगलवार को शैक्षणिक सत्र 2026–27 का विधिवत शुभारंभ हुआ। सत्र के प्रथम दिवस पर विश्वविद्यालय परिवार ने परिसर स्थित भगवान शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं समूचे विश्वविद्यालय परिवार के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि एवं शैक्षणिक उन्नति की मंगलकामना की।
 
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह के नेतृत्व में कुलसचिव डॉ.अश्वनी कुमार, परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. नीता यादव, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. प्रकृति राय, अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय प्रो. सौरभ, अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जितेन्द्र कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
 
पूजन-अनुष्ठान के उपरांत कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह सत्र प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में नई उपलब्धियों, नए ज्ञान और नए अवसरों का आधार बने। 
 
कुलपति ने विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का भी विज्ञप्ति के माध्यम से आह्वान किया कि वे पूर्ण मनोयोग, समर्पण एवं अपनी संपूर्ण क्षमता के साथ अध्ययन-अध्यापन, अनुसंधान एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।
 
उन्होंने कहा कि ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार एवं सामाजिक सरोकारों के माध्यम से सिद्धार्थ विश्वविद्यालय न केवल क्षेत्र के विकास में बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन करता रहेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शैक्षणिक सत्र 2026–27 विश्वविद्यालय परिवार के लिए नई ऊर्जा, नई उपलब्धियों एवं नई सफलताओं का वर्ष सिद्ध होगा तथा विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
 
 

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